वरूण सिंह

लखनऊ  में मारे गए पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की पत्नी रानू सिंह भाजपा में शामिल हो गई हैं, उन्हें भाजपा ने मऊ के मोहम्मदाबाद ब्लॉक से प्रमुख पद की प्रत्याशी घोषित कर दिया है, बीजेपी ने जो प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है, उसमें पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की पत्नी रानू सिंह को मोहम्मदाबाद से अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है, अजीत सिंह के हत्या के बाद से ही यह कयास लगाया जा रहा था, मऊ के जिलाध्यक्ष ने कुल 9 ब्लॉकों के प्रमुख पद के प्रत्याशियों का घोषणा पार्टी कार्यालय में किया । बता दें इसी साल 6 जनवरी को लखनऊ में गैंगवार के दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या हो गई थी, इसी मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह भगोड़ा करार दिए जा चुके हैं, वहीं अजीत सिंह की हत्या के बाद से पूर्वांचल के माफियाओं में आने वाले ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव पर निगाहें सब की बनी हुई थी, अजीत सिंह के धुर विरोधियों की निगाहें मोहम्मदाबाद के ब्लाक प्रमुख पद पर बनी हुई थी, कि अचानक अजीत सिंह की पत्नी ने भाजपा में शामिल होकर सबको चौंका दिया, बता दें कि रानू सिंह 2010 से 2016 तक मोहम्मदाबाद से ही ब्लाक प्रमुख थीं, 2016 में पिछड़ी महिला जाति की सीट होने के कारण उन्होंने अपने काम करने वाली दाई को प्रमुख बना दिया, इस बार के चुनाव में अपने गांव देवसीपुर से निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुनी गई हैं, रानू सिंह ने बताया कि बीजेपी की नीतियों से प्रभावित होकर हमने पार्टी ज्वाइन किया है । मेरे पति ने मुझे विरासत में बहुत कुछ देकर गए हैं, जिसमें मेरे दोनों बेटे हैं । जनता के कामों को कराने का मुझे अनुभव है जिसका लाभ जनता को मिलेगा ।

आजमगढ़ : पलिया गांव में दलित परिवार के साथ पुलिस के अत्याचार को सपा नहीं करेगी बर्दाश्त, सड़क से सदन तक लड़ने का करेगी कार्य 


रौनापार (आजमगढ़):  समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री आर के चौधरी के नेतृत्व में बुधवार को पलिया गांव पहुंचा। पुलिस द्वारा 29 जून की रात में किए गए तोड़फोड़, महिलाओं के साथ अभद्रता, लूटपाट को देखा और इसकी निंदा की, आर के चौधरी ने कहा कि जिस तरह का कृत्य पुलिस द्वारा अनुसूचित समाज के साथ किया गया है, वह प्रदेश में कहीं अन्य अब तक देखने को नहीं मिला। प्रदेश की सरकार द्वारा अब तक दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो जानी चाहिए थी। लेकिन सरकार के लोग जानबूझकर गरीबों को न्याय देने से बच रहे हैं। लेकिन समाजवादी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ अब चुप नहीं बैठेगी । दलित, पिछड़े, शोषित समाज की लड़ाई समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी।

 

पलिया की घटना विधानसभा में पहले ही दिन उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में वर्तमान सरकार लोगों की आवाज डंडे के बल पर दबा रही है। हमने इस गांव में हुए पुलिसिया अत्याचार को देखा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश जी को इस पूरी घटना की जानकारी दी जाएगी, और जैसा उनका निर्देश मिलेगा समाजवादी पार्टी पूरी ताकत के साथ दलित समाज के साथ खड़ी रहेगी। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि मैं पहले दिन से ही पलिया गांव में हुए अत्याचार के खिलाफ खड़ा हूं आगे जो भी संघर्ष होगा। प्रतिनिधि मंडल के साथ विधायक कल्पनाथ पासवान, विधायक नफीस अहमद, पूर्व विधायक बेचई सरोज, पूर्व विधायक बृजलाल सोनकर,  सपा नेता शंकर यादव,जयराम पटेल, शिव सागर यादव आदि लोग मौजूद रहे।