पिन्टू सिंह
(बलिया) उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में पत्रकार समर्पित संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में दर्जनों जिलाध्यक्ष व स्थानीय पत्रकार इलेक्ट्रॉनिक व मीडिया के भाईयों द्वारा सोमवार को लगभग दोपहर में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्रकार उत्पीड़न को रोकने के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा गया ।
बताते चलें कि मऊ जनपद के जुझारू पत्रकार मोहम्मद फतह काजमी मरीना संदेश टाईम्स ने दक्षिण टोला के थानाध्यक्ष डी0के0 चौधरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन दलालों के हाथों की कठपुतली बनकर रह गया है । डी0के0 चौधरी द्वारा आये दिन पत्रकारों को फर्जी मुकदमे में फसाने की कोशिश की जा रही है । बीते 5 जुलाई 2021 को एक ऊट जमालपुर और नववापुर बॉर्डर के नाले में गिर गया था । जिसको पुलिस ने 8 जुलाई 2021 को एक कसाई के हाथों 60 हजार रुपया मे बेचा गया।यही नहीं पुलिस की मिलीभगत से आये दिन सफेद बालु खनन का भी कार्य जोरों पर जारी है । यह सारे आरोप दक्षिण टोला थाने के थानाध्यक्ष डी0के0 चौधरी पर लगाया गया और पुलिस अधीक्षक से तत्काल जांच कर दोषी को सख्त से सख्त सजा देने और डी0के0 चौधरी को निलंबित करने की पत्रकार संघ ने मांग की है ।
आपको बता दें कि पत्रकार उत्पीड़न पूरे प्रदेश में जारी है जो कि निंदनीय है ।
पत्रकार अपनी जान को जोखिम मे डाल कर ठडा , गर्मी ,बरसात हर समय कवरेज कर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराता रहता है ।
अभी हालहीमें उन्नाव जिले में ताजी घटना है जिसमें पत्रकार को एक सीडीओ मारता पीटता है और पुलिस प्रशासन मुख दर्शक बनकर तमाशा देखती है । यदि पुलिस प्रशासन पत्रकार को मारती तो समझ में आता लेकिन पत्रकार को एक सीडीओ मारता है यह समझ से बाहर है ।
पुलिस अधीक्षक मऊ सुशील घुले को पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ ज्ञापन देने के संबंध में एसपी महोदय ने पत्रकारों के उत्पीड़न को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पत्रकारों का कहना है कि यदि पत्रकार उत्पीड़न और फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो जल्द ही पत्रकार एक भारी संख्या में सड़क आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे । आज के समय में पत्रकारों के खिलाफ प्रशासन की रवैया खराब हो गई है । पत्रकार उत्पीड़न को रोकने के लिए सरकार केवल कागजी कार्रवाई में ही सिमट कर रह जाती है । पत्रकार समाज का एक आईना होता है, जिस दिन ये आईना धुधला हो जाएगा, उस दिन सरकार भी धुधली हो जाएगी । इस दौरान पत्रकारों ने नारेबाजी करते हुये कहा कि प्रशासन की तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी । और कहा गया कि यदि जिले के आला अधिकारी समय रहते हुए पत्रकार उत्पीडन को ध्यान मे रखते हुये उचित कार्यवाही नहीं करते हैं तो पूरा पत्रकार संघ सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होगा । जिसकी पूरी जिम्मेवारी पुलिस प्रशासन की होगी ।