पिन्टू सिंह
(बलिया) यूपी के बलिया जिला मे सभी परिषदीय स्कूल कागजों में एक जुलाई से खुल गये हैं। बेसिक शिवनारायण सिंह ने बताया कि सभी शिक्षक कर्मचारी स्कूल जायेंगे, लेकिन विद्यार्थी घर पर रहेंगे। शिवनारायण सिंह ने बताया कि कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्कूल खोला जा रहा है।
शिक्षकों और कर्मचारियों को ही आने की अनुमति रहेगी। वह ऑनलाइन कक्षाएं लेते रहेंगे। अध्यापकों को प्रात: आठ बजे से दो बजे तक विद्यालय में रहना है।
बलिया बीएसए स्वयं शिव नारायण सिंह ने 20 दिनों मे ताबड़तोड़ विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया मगर अधिकाशतः शिक्षा क्षेत्रों जाचं के बाद उपस्थित पंजिका मे शिक्षक आ -जा रहे थे मगर धरातल पर विद्यालय बंद मिले।
आनन फानन में बीएसए शिवनारायण सिंह ने अबतक दर्जनों बंद विद्यालयों शिक्षकों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया हैं।
इसके बावजूद शिक्षक समय से स्कूल में उपस्थित नहीं है।
14, जुलाई दैनिक भास्कर व 17 जुलाई को दैनिक भास्कर संवाददाता ने इस खबर को जनपद में प्रमुखता से रखते हुए ध्यान आकृष्ट कराया था । रसड़ा शिक्षा क्षेत्र के मनिहा में रसोइया भरोसे चल रहा स्कूल , वहीं प्राथमिक विद्यालय सवरुपुर मे सभी गुरुजन लापाता थे ।
हालांकि बीएसए ने दो स्कूलों पर बडी कारवाई किया है।
बताते चलें कि बलिया जिला के शिक्षा क्षेत्र रसड़ा अन्तर्गत 198 परिषदीय स्कूल है ।
ताबड़तोड़ कारवाई के बावजूद शिक्षक स्कूल आना तौहीन समझते हैं। जी हाँ चौकिए नहीं हुजूर ताजा मामला बानगी के रूप में रसड़ा शिक्षा क्षेत्र के मंन्दा प्राथमिक विद्यालय का जहा वर्षो से घर के महज 200 मीटर की दूरी पर जमें जिम्मेदार प्रधानाध्यापिका अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रही हैं।
शिक्षा का मन्दिर सुबह 8,32 तक बंद रहा फिर संवाददाता ने खण्ड शिक्षा अधिकारी लालजी शर्मा को ध्यान आकृष्ट कराया बातचीत का दौर चल रहा था तभी एक रिक्शा से सहायक अध्यापिका पहुंची खण्ड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका से किया बातचीत ।
हालांकि बताते चलें कि यहां पर चार रसोइया है व एक सहायक अध्यापिका व दो शिक्षा मित्र व प्रधानाध्यापीका है।
एक रसोइया व एक सहायक अध्यापिका आयीं थी बाकी विभाग जाने …। कब कारवाई करते हैं ।
जिले में सर्व शिक्षा अधिकार का अमली जामा अभी भी अपने इन्तजार मे है कब प्राथमिक शिक्षा अपने लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढे सकेगी बावजूद भारी भरकम वेतनभोगी होने के बाद भी डियूटी से परहेज कर रहे हैं।
काम्पोजेकट ग्राण्ड के तहत इस विधालय पर 50 हजार रुपये भेजा गया था।ताकि कान्वेंट कि तुलना में परिषदीय विधालयों कि रगाई पोताई बच्चों को शुद्ब जल इत्यादि पर खर्च करने के लिए।
मगर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों का सही निर्वाह नहीं करते हुए सरकारी पैसों का भी हजम कर जा रहे हैं।
और तो और 10 वर्षा से इस स्कूल पर प्रधानाध्यापीका पद पर रहते हुए आजतक बाउंड्री भी नहीं हो सका ना ही प्लास्टिक की कुर्सी भी है अभिभावकों के लिए
मगर अपने लिए रिवाल्विंग चेयर अच्छी मेज जरुर खरीदें गयें है।
स,ज,पा के जिलाध्यक्ष बलंवत सिंह ने कहा कि ऐसे जिम्मेदार लोगों के उपर तत्काल कार्यवाई होनी चाहिये।
साथही बलिया बीएसए को ताबड़तोड़ निरिक्षण करने के लिए साधुवाद भी दिया है।
साथही दैनिक भास्कर न्यूज डाटकाम संवाददाता को हौंसला बढाया कहा कि आज भी खोजी पत्रकारिता जिदा है उसी की देन हैं कि भष्ट्राचार उजागर कर शिक्षा विभाग मे जिम्मेदार शिक्षकों को अवगत कराया है।
इसके दैनिक भास्कर न्यूज परिवार को साधुवाद ।