श्याम सिंह
आजमगढ़ । ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-ए-मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सवाल पूछा कि समाजवादी पार्टी कि 4 बार उत्तर प्रदेश में हुकूमत रही । और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने में उत्तर प्रदेश के 20 परसेंट मुसलमानों ने ईमानदारी के साथ सपा को वोट दिया था, लेकिन मुलायम सिंह यादव से लेकर उनके पुत्र अखिलेश यादव तक ने एक बार भी किसी मुसलमान के बेटे को मुख्यमंत्री बनाने का या नहीं कार्य किया । जबकि समाजवादी पार्टी के साथ मुसलमान ईमानदारी के साथ हमेशा खड़ा रहता था । प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने शर्त रखी कि अगर समाजवादी पार्टी यूपी में गैर भाजपा सरकार बनने पर भागीदारी मोर्चे के किसी मुस्लिम विधायक को कम से कम उप मुख्यमंत्री बनाने को तैयार हो, तो उनकी पार्टी और मोर्चे का सपा से गठबंधन हो सकता है । कहा कि अखिलेश यादव हमेशा छोटी पार्टियों के साथ चुनाव लड़ने की बात करते है, लेकिन सरकार में उन छोटी पार्टियों की भागीदारी क्या होगी यह कभी नहीं बताते, उन्होंने कहा कि भागीदारी संकल्प मोर्चा समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने को तैयार है, मगर इसमें शर्त यह रहेगी कि सरकार बनने पर उप मुख्यमंत्री भागीदारी संकल्प मोर्चे के किसी मुस्लिम विधायक को बनाया जाए। शौकत अली ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में भाजपा को रोकना है, तो सपा-बसपा सहित सभी सेकुलर दल हमारे भागीदारी संकल्प मोर्चा के साथ मिलकर लड़ें । उन्होंने कहा कि सपा बसपा केवल मुसलमानों का वोट लेती हैं । सरकार में उनके हिस्सेदारी के बारे में नहीं सोचती, हमारे मोर्चा के संयोजक ओम प्रकाश राजभर मुस्लिमों के हक की बात कहने की हिम्मत तो दिखाई, कि अगर उनके मोर्चे की सरकार बनती है । तो प्रदेश में हर साल नया मुख्यमंत्री होगा, और उसमें से एक मुख्यमंत्री मुस्लिम भी होगा।