बलिया शिक्षा विभाग का हाल बेहद दयनीय है ।शासन से आडिट के लिए भेजी जाने वाली टीम मे ही जब भ्रष्ट अधिकारी हो तो बच्चों के शिक्षा के नाम पर अपनी कमाई करनेवाले प्रधानाध्यापकों के हौसले बुलंद होगें।

जाचं के लिए पहुंचे विपुल सिंह और उनकी टीम दो बीआरसी पर जमकर वसूली का खेला होबे
क्या पूर्वांचल की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आयेगी जबाब तो यहां के मंत्री और शिक्षा विभाग में सालों से जमें अधिकारी ही दे सकते हैं।
शर्म इस बात पर आती हैं कि सरकार द्रारा भारी भरकम वेतन व शिक्षा का मन्दिर अच्छा करने के लिए काम्पोजिकट मद मे धनराशि भेज रही हैं मगर जिम्मेदार शिक्षकों का जमीर मर चुका है।
बलिया जनपद के रसड़ा तहसील क्षेत्र के पकवाईनार मे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी ब्लाक संसाधन केन्द्र रसड़ा डायट परिसर बीआरसी पर आडिट टीम जाचं करने गये ।
220 स्कूलों के शिक्षक भी बुलाये गये।
2020-21 मे विधालयों मे बच्चों को दी जाने वाली ड्रेस, भवन रगाई पोताई सहित 31 मार्ग 2021 तक का आडिट चल रहा था मजे की बात यह है कि जाचं अधिकारी को पता नहीं चला मगर 300 कि दर से खेला होबे ।
हालांकि पूरे मामले पर जाचं टीम में आये विपुल सिंह ने खारिज करते हुए कहा हमारे सज्ञान मे नहीं है।