बीएसए के ताबड़तोड़ कारवाई के बाद हेडमास्टर, शिक्षक गैरहाजिर

(बलिया) एक उत्तर प्रदेश सरकार पढाई पर पानी की तरह पैसा बहा रही है कान्वेंट स्कूलों की तुलना में सबकुछ फ्री देने के बावजूद सर्व शिक्षा अधिकार का अमली जामा अभी भी अपने इन्तज़ार मे है ।
कब प्राथमिक शिक्षा अपने लक्ष्यों के अनुरूप आगें बढ सकेगी।
बलिया बीएसए शिवनारायण सिंह का निर्देश सभी शिक्षक कर्मचारी स्कूल जायेंगे,
शिक्षकों और कर्मचारियों को ही आने की अनुमति रहेगी। वह ऑनलाइन कक्षाएं लेते रहेंगे। अध्यापकों को प्रात: आठ बजे से दो बजे तक विद्यालय में रहना है।
बलिया बीएसए के जज्बे को दैनिक भास्कर परिवार सलूट करता है एक महिने मे ताबड़तोड़ विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया मगर अधिकाशतः शिक्षा क्षेत्रों जाचं मे उपस्थित पंजिका मे शिक्षक आ -जा रहे थे मगर धरातल पर विद्यालय बंद मिले।
आनन फानन में बीएसए ने अबतक दर्जनों बंद विद्यालयों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया हैं।
इसके बावजूद शिक्षक स्कूल में उपस्थित पंजिका से गायब है।
जी हाँ ताजा मामला
सोहाव शिक्षा क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय का है ।
जहां एक हेहमास्टर चार सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्र है ।
स्थानीय मीडिया द्रारा स्कूल का धरातल का सच्चाई जानने पहुंची तो वहां का नजारा कुछ और था
तुम्हारी फाइलों में आनलाइन शिक्षा का मौसम गुलाबी है।
मगर आकडे झूठे,
चूंकि शिक्षा का मन्दिर मे सुबह 9 बजे तक महज एक सहायक अध्यापक बाकी छ लोग अनुउपस्थित रहे।
मै यहा सपष्ट कर देना चाहता हूँ कि लोगों का आरोप है कि सोहाव शिक्षा क्षेत्र नेतागिरी बहुत हैंः 
लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार जब बदलती है तो गुरु जी पार्टी बदल कर माननीय लोगों की चर्ण वदना शुरू कर देते है।
और घर बैठे उपस्थित पंजिका मे हाजिर रहते हैं।कभी कभार धरातलीय शिक्षा विभाग के निरीक्षण में शिक्षा विभाग से जूडे़ अफसरों को वेतन का कुछ भाग चढावा के रुप में देते हैं।
और गुरुजी घर बैठे दूध मलाई का खुब सेवन करते हैं ।
जरुर है ऐसे दुध मलाई घर बैठे खाने वाले गुरुजनों के उपर कठोर कारवाई ।
ताकि सुखरोग से बचें।