वाराणसी 14 अगस्त,2021; रेलवे प्रशासन द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं परिचालन सुगमता हेतु मूलभूत ढ़ांचे में विस्तार के क्रम में मऊ-आजमगढ़ (43 किमी) रेल खण्ड की विद्युतीकृत लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त,पूर्वी परिक्षेत्र, लखनऊ मोहम्मद लतीफ खान द्वारा संरक्षा परिक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री ए.के.शुक्ला, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री आर.के.यादव, मंडल रेल प्रबन्धक वाराणसी श्री रामाश्रय पाण्डेय समेत मुख्यालय,विद्युत निर्माण एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खान ने सबसे पहले मऊ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और विद्युतीकृत रेल खण्ड के मानक के अनुरूप यार्ड प्लान,न्यूट्रल सेक्शन, पावर सब स्टेशन,स्टेशन वर्किंग रूल,केंद्रीकृत स्टेशन पैनल, पैदल उपरिगामी पुल,प्लेटफार्म क्लियरेंस, पॉइंट क्रासिंग, सिगनलिंग ,बर्थिंग ट्रैक बैलास्ट,ओवर हेड ट्रैक्शन की ऊँचाई ,ब्लॉक ओवर लैप,फाउलिंग मार्क, सैंड हम्प ,पैनल इन्टरलॉकिंग, फीडर पावर सप्लाई वितरण प्रणाली तथा नियंत्रण फीडर आइसोलेशन आदि की संरक्षा परखी । मऊ जं स्टेशन पर रेल संरक्षा आयुक्त ने विद्युतीकरण के मुताबिक विकसित विभिन्न कार्यो का निरीक्षण में सभी कार्य मानक के अनुरूप पाया ।
तदुपरान्त रेल संरक्षा आयुक्त अपने निरीक्षण स्पेशल टावर वैगन से मऊ-खुरहट ब्लाक सेक्शन के निरीक्षण के लिए रवाना हुए । रेल संरक्षा आयुक्त ने मऊ-खुरहट रेल खण्ड पर किमी सं-04/26-27 पर इंजीनियरिंग समपार संख्या-3ए का गहन संरक्षा निरीक्षण किया ओवर हेड लाइन का परिमापन किया और गेट मैन से विद्युतीकृत खण्ड पर कार्य करने हेतु संरक्षा ज्ञान को परखा,इसी क्रम में किमी सं-13/08-10 पर खुरहट पावर सब स्टेशन का निरीक्षण कर अर्थिंग,पावर डिस्ट्रीब्यूशन एवं आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम देखे । तत्पश्चात वे मऊ-मोहम्मदाबाद रेल खण्ड का निरीक्षण करते हुए आगे बढ़े और किमी सं-21 पर मोहम्मदाबाद स्टेशन पहुँच कर स्टेशन का व्यापक निरीक्षण किया, इस दौरान उन्होंने स्टेशन वर्किंग रुल, प्लेटफार्म से ओवर हेड की ऊँचाई, पैदल उपरिगामी पुल से ओवर हेड क्लियरेंस एवं विद्युतीकृत मानकों के अनुरूप ट्रैक सर्किट, सिगनलिंग, ब्लाक यंत्र एवं यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया । इसके बाद वे मोहम्मदाबाद-आजमगढ़ रेल खण्ड पर निरीक्षण करते हुए आगे बढ़े और किमी सं-22/16-23/12 के मध्य कर्वेचर संख्या-02 पर रेलवे लाइन से ओवर हेड की मानक दूरी और कर्वेचर पर ओवर हेड लाइन का इन्डेन्ट मापा,इसके पश्चात किमी 40/20-22 पर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया और ओवर हेड लाइन से आर ओ बी का क्लियरेंस चेक किया । मऊ-आजमगढ़ रेल खण्ड पर निरीक्षण करते हुए रेल संरक्षा आयुक्त ने ब्लाक सेक्शन में समपार फाटकों से ओवर हेड की उचित दूरी, कर्वेचर के इन्डेन्ट ,पूल पुलियाओं तथा ब्लाक सेक्शन में विद्युतीकृत स्टैंडर्ड मानकों के अनुसार लाइन फिटिंग्स, बैलास्टिंग एवं पैकिंग, कर्वेचर पर क्लियरेंस तथा विद्युतीकरण के अनुरूप समपार फाटकों बूम लॉक व हाइट गेजों के संस्थापन सुनिश्चित किया ।
अंततः रेल संरक्षा आयुक्त किमी सं-43 पर स्थित आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पहुँचे जहाँ विद्युतीकरण के मानकों के अनुरूप क्रॉसओवर लाइन विद्युत कर्षण लाइन फिटिंग्स, ओवर हेड ट्रैक्शन लाइन की मानक ऊँचाई, समपार फाटकों से उचित दूरी, स्टेशन वर्किंग रुल, विद्युतीकृत क्षेत्र के चेतावनी बोर्ड एवं नियमावली आदि का व्यापक निरीक्षण किया और संरक्षा के सभी बिन्दुओं को परखा ।
ज्ञातव्य हो कि रेलवे विद्युतीकरण का यह कार्य COVID-19 महामारी के कारण यह वर्तमान वित्तीय वर्ष बुरी तरह से प्रभावित हुआ था जो COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी कार्यों को पूरा करने के बाद से बहुत चुनौतीपूर्ण था।

निरीक्षण के उपरान्त अधिकतम गति से विद्युतीकृत लाइन पर विद्युत इंजन युक्त स्पेशल ट्रेन से रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा गति परीक्षण सफल रहा । इस दौरान सी आर एस स्पेशल ने 110 किमी प्रति घंटे की उच्चतम गति को छुआ और आजमगढ़ से मऊ की दूरी मात्र 33 मिनटों में तय की ।
आम जनता को यह सूचना दी जाती है कि आज से इस खण्ड को विद्युतीकृत समझें और रेलवे ट्रैक तथा ओवर हेड लाइन से सुरक्षित दूरी बनाये रखें