वरूण सिंह
आजमगढ़ के रानी की सराय ब्लाक की फरिहा ग्राम पंचायत में 17.28 लाख के घोटाले में वीडीओ और जेई तत्काल प्रभाव से जिलाधिकारी ने निलंबित कर दिया है, इसके अलावा पूर्व ग्राम प्रधान से घोटाला की गई 17.28 लाख की रकम की वसूली के भी आदेश दिया है, मामले की पहली बार गठित जांच कमेटी में शामिल जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव और डीआरडी के जेई जयराम सिंह पर भी विभागीय कार्यवाही की गई है, कमिश्नर के आदेश पर की गई जांच में प्रोबेशन अधिकारी और जेई जांच के दौरान घोटाले का उजागर नहीं कर पाए थे, टीएमसी टीम की जांच में घोटाला उजागर हुआ है । बता दें कि मंडलायुक्त ने एक दिसंबर से 25 दिसंबर तक सर्वाधिक व्यय की गई धनराशि के 25 ग्राम पंचायतों की जिला स्तरीय टीम गठित कर जांच करने का निर्देश दिया था, रानी की सराय ब्लाक की ग्राम पंचायत फरिहा में जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई जयराम सिंह चैहान को संयुक्त रूप से जांच अधिकारी नामित किया गया था, जांच अधिकारियों ने सतही तौर से जांच कर आख्या जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करा दी थी, जांच आख्या में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में नहीं लाया गया, इस पर पुनः मंडलायुक्त ने टीएसी टीम गठित कर जांच कराई, टीएसी टीम ने ग्राम पंचायत फरिहा में 17 लाख 28 हजार की वित्तीय अनियमिता का तथ्य प्रकाश में लाया, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे ने बताया कि घोटाला उजगार होने पर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने पूर्व प्रधान के खिलाफ घोटाले की राशि वसूली करने का आदेश दिया है, साथ ही ग्राम विकास अधिकारी अभिमन्यु यादव और डीआरडीए की जेई रश्मी के निलंबन की कार्यवाही कर दी गई है, इसके अलावा जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव और डीआरडीए के जेई पर भी गाज गिरी है