राजेश सिंह
आजमगढ़ । सरकार के आदेश पर 23 अगस्त को सभी परिषदीय विद्यालयों को खोल दिया गया, जिसमें सभी परिषदीय विद्यालयों में करोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, वही सरकार 1 सितंबर से प्राथमिक विद्यालय खोलने का फरमान जारी कर दिया है। बरसात के मौसम में ज्यादातर विद्यालयों में भारी जलजमाव है । आखिर दोहरे संक्रमण के खतरे के बीच कैसे संवरेगा मासूमों का भविष्य, अभिभावकों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर रोष व्याप्त है। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अतरौलिया दृतीय में तालाब का पानी विद्यालय में घुसने से जहां विद्यालय की दीवारें फट चुकी हैं, वही कमरे में गहरे गड्ढे बन चुके है, जिसमें पठन-पाठन कार्य काफी प्रभावित हो रहा है । वही कमरे के अंदर तालाब का पानी घुस रहा है, और कभी भी भारी दुर्घटना हो सकती है। जिसकी शिकायत विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा संबंधित अधिकारियों को कई बार किया गया, लेकिन अभी तक इस मामले में कुछ भी नहीं हुआ, वहीं शासन द्वारा पुनः 1 सितंबर से सभी प्राथमिक विद्यालय खोलने का फरमान जारी हो चुका है  ऐसे में बच्चों का पठन-पाठन कैसे होगा, इसे लेकर अभिभावकों में काफी चिंता व्याप्त है। वहीं क्षेत्र के भरसानी प्राथमिक विद्यालय में बरसात का पानी भरा पड़ा है, तथा विद्यालय प्रांगण में झाड़ियां उगी हुई है जिसकी देखरेख करने वाला सफाई कर्मी भी विद्यालय पर नहीं पहुंचता, ऐसे में विद्यालय में पठन-पाठन कैसे चलेगा ।