पिन्टू सिंह

(बलिया) जनपद के परिषदीय विद्यालयों में फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले शिक्षकों एवं शिक्षा मित्रों की जांच शासन ने एसटीएफ को सौंप दी है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ ने यूपी के बलिया जनपद सहित प्रदेश के 35 जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज जल्द ही इन विद्यालयों में तैनात फर्जी शिक्षकों का शैक्षिक दस्तावेजों एवं नियुक्ति संबधित प्रपत्रों को शीघ्र एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।त्तर प्रदेश बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के संवरा गांव निवासी बीएसएफ सेना के जवान ने बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया को रजिस्टर्ड शिकायती पत्र भेजकर पर बीएसए पर दो महिलाओ की फर्जी शिक्षामित्र के पद पर नियुक्ति करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कुल 8 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। सेना के जवान का पत्र मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया था तथा आरोपों को गंभीरता से लेते हुए बलिया बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र हिमांशु मिश्रा बलिया को जांच अधिकारी नामित कर दिया।जांच अधिकारी ने दोनों शिक्षा मित्रो को 15 अगस्त तक सभी प्रमाण पत्र, नियुक्ति पत्र सहित सभी कागजातों के साथ बलिया उपस्थित होने हेतु नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा है कि नियुक्ति सम्बन्धित पत्रावली प्रस्तुत न करने की दशा में प्रतिकूल कार्यवाही की जाएगी। उधर सेना के जवान ने शिक्षा विभाग के ढुलमुल रवैया के चलते एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक को भी शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी।उमेश सिंह ने बीएसए को भेजे गए पत्र में जानकारी मांगी थी कि क्या बिना किसी प्रमाण पत्र (अंक पत्र की वरीयता व प्रस्ताव) के किसी को नौकरी करने का अधिकार है, यदि हा तो उसकी कॉपी आवेदक को उपलब्ध कराई जाए और यदि नहीं तो दोनों शिक्षामित्रों को अब तक बर्खास्त क्यो नही किए गया। अपने आवेदन में शिकायत कर्ता ने लिखा है कि दोनों शिक्षामित्रो के तैनाती वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने लिख कर जानकारी दी है कि शिक्षा मित्रों की कोई कागजात विद्यालय पर मौजूद नहीं है,बावजूद अबतक उन्हें बर्खास्त क्यो नहीं किया गया। आवेदक ने पत्र में लिखा है कि बीएसए द्वारा 12 जून 2021 को की गई नियुक्ति में 21 जुलाई 2021 तक प्रतिदिन क्या कार्यवाही की गई, इसकी जानकारी हमें उपलब्ध कराया जाए। इस तरह आवेदक ने रजिस्टर्ड पत्र भेजकर कुल 8 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। मामले की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि जनपद के परिषदीय विद्यालयों में फर्जीवाड़ा कर नौकरी करने वाले जिन शिक्षकों की जांच शासन ने एसटीएफ को सौंपी है उसमे वो दोनो महिला शिक्षामित्र भी शामिल है। जिनकी शिकायत सेना के जवान उमेश सिह ने की थी। साथही एक ही स्कूल पर तैनात एक ही माता पिता के संतान मगर कोइ …. पूरा नाम गुप्ता लिखता है तो कोई गुप्ता से परहेज क्यों करता है ।जी हाँ जनपद मे लगभग एक दर्जन परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों के शैक्षिक दस्तावेजो एवं नियुक्ति सम्बन्धित प्रपत्रों को शीघ्र एसटीएफ के एएसपी को उपलब्ध कराने का महानिदेशक स्कूल शिक्षा का पत्र मिलते ही महकमे में खलबली मच गई है।हालांकि पिछले दिनों संवाददाता ने सड़ा खण्ड शिक्षा अधिकारी हिमांशु मिश्रा से दूरभाष पर जाचं का पक्ष जानने के लिए फोन किया था हुजूर जाचं रिपोर्ट न बताकर खबर से तिलमिलाए उपदेश देने लगें फिर संवाददाता ने कहा कि आप बेसिक नहीं है तब एसडीआई महोदय ने बताया कि जाचं कि रिपोर्ट पूरी कर बोर्ड को भेज दिया हूँ।