पांच हज़ार से ज्यादा प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

बलिया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के दिशा निर्देश में आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर देशभर में 13 अगस्त से 02 अक्टूबर तक फिट इंडिया फ्रीडम रन का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में नेहरू युवा केंद्र के तत्वावधान में जनपद स्तर पर जिला मुख्यालय के शहीद स्मारक पार्क के प्रांगण में प्रातः 08 बजे से फिट इंडिया फ्रीडम रन और गंगा रैली का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता डॉ गणेश पाठक पूर्व प्राचार्य उच्च शिक्षा शैक्षणिक निदेशक जननायक चंद्र शेखर विश्वविद्यालय विद्यालय की अध्यक्षता में संपन्न किया गया।
नेहरू युवा केंद्र के अधिकारी अतुल शर्मा ने बताया कि केंद्र से संबंध सक्रिय युवा मंडलों से 200 युवा एवं युवती इस कार्यक्रम में हिस्सा लिए हैं। कार्यक्रम अंतर्गत उपस्थित युवाओं को आजादी की उन्होंने अमृत महोत्सव कार्यक्रम से संबंधित एवं फिट इंडिया फ्रीडम रन से संबंधित शपथ दिलाते हुए बताया कि यह कार्यक्रम इस सप्ताह में जनपद में 75 गांव में किया गया है, जिसमें पांच हज़ार से ज्यादा प्रतिभागियों ने फ्रीडम रन में हिस्सा लिया। साथ ही साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रगान की प्रस्तुति भी की गई। साथ ही कमांडर रविंद्र सिंह जिला सैनिक कल्याण अधिकारी परिषद, क्रीड़ाधिकारी डॉ0 अतुल सिन्हा, तथा क्षेत्रधिकारी भूषण वर्मा की गरिमामय उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम अंतर्गत उपस्थित युवाओं को सीओ सिटी भूषण वर्मा के द्वारा हरी झंडी दिखाकर दौड़ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें 200 प्रतिभागियों ने हाथ में तिरंगा लेकर शहीद स्मारक से कुंवर सिंह और वापिस शहीद स्मारक तक कि दूरी तय की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं डॉ गणेश पाठक ने उपस्थित युवाओं से स्वतंत्रता के सेनानियों के प्रति सम्मान बनाए रखने हेतु युवाओं को प्रेरित किया साथ ही साथ स्वास्थ्य के प्रति भी लोगों को सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया इस अवसर पर सीओ सिटी भूषण वर्मा ने अपने उद्बोधन में देश की आजादी व स्वतंत्रता संग्राम में युवाओं की भूमिका पर जागरूक राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका अदा करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में सलभ उपाध्याय, नवीन कुमार सिंह, गुप्तेश्वर प्रसाद, जी आई सी और जी जी आई सी के छात्र छात्राओं, कुमार अभिषेक, नंदिनी सिंह, प्रिया, आशुतोष यादव, सोनू लाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवकों का योगदान सराहनीय रहा।