चिलकहर, बलिया ।स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में निर्मित होने वाले शौचालयों की धनराशि ग्राम पंचायतों के खाते में न जाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजे जाने का प्राविधान है। इस योजना को लेकर उत्तर प्रदेश एंव केन्द्रीय सरकार बहुत ही संवेदनशील रही है , इसके बावजूद भी इस योजना का कोई खास लाभ चिलकहर ब्लाक के ग्रामीणों को मिलता नहीं दिख रहा है। कारण कि जिन लोगों को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौपीं गयी है , उन्हें इस योजना में कोई खास रूचि नही है।
यही कारण है कि चिलकहर ब्लाक के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में आज भी लाभार्थी ब्लाक मुख्यालय का चक्कर लगाते देखे जा सकते है, लेकिन इनकी कोई सुनने वाला नही है। पूरे देश में शौंचालय निर्माण के लिए प्रांतीय एंव केन्द्रीय सरकार ने इस योजना के प्रचार – प्रसार के लिए करोडों रुपये तो विज्ञापन पर खर्च कर दिया है , इसके बावजूद भी ये योजना चिलकहर ब्लाक मे परवान नहीं चढ पा रही है।
ग्रामीणों की माने तो पूर्व के ज्यादेतर ग्राम प्रधानों एंव सचिवों ने ग्राम पंचायतों में उन्हीं योजनाओं में रुचि लिया है जिन योजनाओं में गांवों का विकास कम , लेकिन उनका विकास ज्यादें दिखा है। यही कारण है कि प्रांतीय एंव केन्द्रीय सरकार की ये महत्वाकांक्षी योजना पूरी तरह से चिलकहर ब्लाक में धरातल पर नहीं उतर पायी है। हालाॅकि पूरे देश को एक तरह से ओडीएफ घोषित कर दिया गया है , इसमें बलिया जनपद भी शामिल हैं। इसके बावजूद भी चिलकहर ब्लाक का कोई भी ऐसा गांव नहीं है , जहां पर लोग खुले मे शौच करते न मिल जाये ‌। अब देखना यह है कि मोदी और योगी की इस सरकार मे ग्रामीणों के शौचालय बनते है या उन्हे ब्लाक का चक्कर लगाकर ही संतोष करना पडता है।