बलिया। परिवार न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में कुल 25 वादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल सात वैवाहिक वादों का निस्तारण करते हुए जोड़ों की विदाई की गई। इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश ने उपस्थित वादकारियों से कहा कि कुछ परिवार ही एक अच्छे समाज व देश का निर्माण कर सकते हैं। खुशहाल परिवार में ही बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन सत्यप्रकाश त्रिपाठी, जिला जज/प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, बलिया के अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिसमें प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय में कुल 18 वैवाहिक, भरण पोषण व संरक्षकता वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया तथा अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, बलिया श्रीमती श्रद्धा तिवारी के द्वारा कुल सात वैवाहिक, भरण पोषण वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया।
लोक अदालत में सत्यप्रकाश त्रिपाठी, प्रधान न्यायाधीश उपस्थित वादकारियों को आपस में मिल जुलकर रहने का संदेश देते हुए कहा कि कुछ परिवार ही एक अच्छे समाज व देश का निर्माण कर सकते हैं। खुशहाल परिवार में बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश, अपर प्रधान न्यायाधीश, परामर्शदाता श्रीमती नूतन श्रीवास्तव व परामर्शदाता प्रमोद कुमार पाण्डेय उपस्थित होकर वादों के निस्तारण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर न्यायालय के वैयक्तिक सहायक आशीष कुमार श्रीवास्तव, रीडर अजय कुमार राय, एवं लिपिकगण रमाकान्त वर्मा, दिलीप कुमार सहित न्यायालय के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।