वरूण सिंह
यूपी में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी छोटी पार्टियां भी अपने जातिगत समीकरण के हिसाब से यूपी की सत्ता पर पहुंचने के लिए रास्ते तलाश रही हैं, ऐसे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा, “अगर मुख्तार अंसारी उनकी पार्टी से संपर्क करेंगे, तो पार्टी उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट देगी, और चुनाव जिता कर भी लायेगी, क्योंकि अदालत ने उन्हें अब तक अपराधी नही माना हैं।” वहीं सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने मुख्तार अंसारी को गरीबों का मसीहा बताया है, ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मैं उन्हें अपराधी नहीं मानता हूं। जब तक अदालत से सजा नहीं मिल जाए तब तक हम उन्हें कैसे अपराधी बोल सकते हैं? । बता देंं कि इसी माह 7, 8, 9 सितंबर को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रुदौली सुल्तानपुर बाराबंकी में दलितों की रैली में जहां सरकार को घेरने का कार्य किया, वहीं ओम प्रकाश राजभर हाल के दिनों में लगातार सरकार केे खिलाफ मुखर रहे हैं, हाल ही में उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी की अर्थी निकालूंगा, और उसके पीछे राम नाम सत्य का नारा भी लगेगा, गौरतलब है कि बसपा प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि जेल में बंद मुख्तार अंसारी को आगामी विधानसभा चुनाव में मऊ से पार्टी का प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा, इससे कुछ दिनों पहले ही उन्होंने कहा था कि अब वह मूर्तियों और स्मारकों के निर्माण का प्रयास नहीं करेंगी, बल्कि कानून का शासन स्थापित करके उत्तर प्रदेश का चेहरा बदलने पर ध्यान केंद्रित करेंगी, कहा था कि बसपा अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में ‘बाहुबली’ अथवा माफिया आदि को उम्मीदवार नहीं बनाने के प्रयास करेगी और इसी के साथ उन्होंने विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद मुख्तार अंसारी को मऊ से दोबारा पार्टी का टिकट नहीं देगी ।