लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को संतकबीरनगर जिले के नव निर्मित जिला कारागार परिसर में जिला कारागार का लोकार्पण और अन्य योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती सरकार में माफिया को मिले सत्ता के संरक्षण पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि माफिया के लिए हमारा संदेश बिलकुल स्पष्ट है. माफिया यदि गरीब, किसान, व्यापारी का जीना हराम करेगा तो हमारी सरकार उसका जीना हराम कर देगी. सरकार ने यह करके दिखाया भी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि संतकबीरनगर में जिला कारागार बन जाने से अब यहां के कैदियों को बस्ती नहीं भेजना पड़ेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कारागार सुधारगृह के रूप में आदर्श कारागार बनेगा। योगी ने कहा कि सूबे के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी. कई जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो गए हैं. जिन जिलों में अभी इसकी शुरूआत नहीं हुई है वहां भी पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा. इसके साथ ही गोरखपुर में एम्‍स बनकर तैयार हो गया है, जिसका लोकार्पण शीघ्र ही किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें विकास को लेकर कभी गंभीर नहीं रहीं. भाई भतीजावाद, जाति- पाति और दबंगई चरम पर थी, लेकिन जब से यूपी में भाजपा की सरकार बनी तब से विकास की गति तेज हुई है। इसमें संतकबीरनगर जिला भी शामिल है. उन्होंने कहा कि खलीलाबाद को रेडीमेड का हब बनाने की अपार संभावना है. इसके लिए संसाधन उपलब्ध कराने और मार्केट की व्यवस्था करने के लिए सरकार ने प्रयास किए हैं. आने-वाले दिनों में बखिरा का बर्तन उद्योग भी पूरी दुनिया में अपनी पहचान कायम करेंगे. इसके लिए कलस्टर योजना शुरू की गई है. सीएम योगी ने कहा कि अब समय बदल चुका है साढ़े चार साल पहले जो सरकार थी वो भाई- भतीजावाद और वंशवाद करती थी तुष्टीकतरण के नाम पर आप के हक पर डकैती डालने का काम करती थी। गुंडागर्दी और दंगा प्रदेश की पहचान बन चुका था, नौजवानों की नौकरी को इन के द्वारा नीलाम कर दिया जाता था. जब नौकरी निकलती थी एक परिवार के लोग नौकरी लेकर जगह-जगह वसूली करने निकल पड़ते थे, आज अगर कोई नौकरी नीलाम करने का प्रयास करेगा तो नौकरी तो नहीं नीलाम कर पाएगा अपने घर को जरूर नीलाम करवा देगा। सीएम ने कहा कोरोना को लेकर सरकार ने अच्छा काम किया. कल्पना करिए सपा, बसपा और कांग्रेस के समय में यह महामारी आई होती तो क्या होता. जैसे आज केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली के अंदर हुआ अगर वैसी स्थिति आती तो क्या होता उत्तर प्रदेश में कितने लोग मरते, जिन लोगों ने अपने परिवार को खोया है उन के प्रति हमारी संवेदना है, हर पीडित परिवार के साथ सरकार खड़ी है, जो बच्चे निराश्रित हुए उन बच्चों के लालन पालन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार ने ली है, 4 हजार रूपए उन बच्चों को हर महीने सरकार दे रही है.