राजेश सिंह
अतरौलिया ब्लाक के सभागार में मंगलवार को गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम, 1971 के 50 साल पूरे होने पर ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान, कामन हेल्थ एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार अभियान द्वारा परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संयुक्त रूप से मांग पत्र तैयार किया गया जिसको लेकर जिले के स्वास्थ्य अधिकारिओं को मेल व व्यक्तिगत रूप से दिया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर शिवाजी सिंह स्वास्थ्य अधीक्षक अतरौलिया तथा विशिष्ट अतिथि सीता देवी यादव सीडीपीओ अतरौलिया रही, तथा कार्यक्रम का संचालन राजदेव चतुर्वेदी ने किया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आज़मगढ़ को सम्बोधित 10 सूत्रीय मांगपत्र शांति, मंजू और कालिंदी के द्वारा अधीक्षक को दिया गया। स्वास्थ्य अधीक्षक ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि अतरौलिया के 100 शैया मेटरनिटी विंग में भी महिला डॉक्टर हो जिससे महिलाओं को यही पर सुरक्षित गर्भ समापन सहित अन्य मातृत्व स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इस मौके पर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि द्वारा अबार्ट द स्टिग्मा एवं लिसनिंग टू वूमेन पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा0 शिवाजी सिंह ने बताया कि गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम, 1971 के अंतर्गत कुछ विशेष परिस्थितियों में अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने की अनुमति दी गई है । इसके तहत महिलायें कुछ विशेष परिस्थितियों में सरकारी अस्‍पताल में या सरकार की ओर से अधिकृत किसी से भी अस्पताल में अधिकृत व प्रशिक्षित डॉक्‍टर द्वारा गर्भ समापन करा सकती है। कार्यक्रम में सुरेश कुमार पांडेय बीसीपीएम, तारा देवी, गीता वर्मा, नीलम यादव, ज्योति, फूला, अंजलि एव अम्बुज उपस्थित रहे ।