बलिया। अधिशासी अभियन्ता सिंबाई गई खण्ड प्रथम चन्द्र बहादुर पटेल ने बताया है कि कटहर नाला में अतिक्रमण होने के कारण नाले में पानी का प्रवाह धीमा हो गया है। इस समस्या को देखते हुए यह सूचित किया जाता है कि कटहर नाला

पर जिन व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण किया गया है वे तत्काल अपना अतिक्रमण एक सप्ताह के अन्दर
हटाये, जिन व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण नही हटाया जायेगा तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
सुरहाताल का पानी कटहल नाला के माध्यम से गंगा नदी में जाता है। सिंचाई खण्ड प्रथम द्वारा कटहल नाला में पानी के बहाव में अवरूद्ध करने वाले जलकुम्भी एवं शहरी क्षेत्र में विजयीपुर रेगुलेटर के पास जमा कुडा-कचरा को हटवा दिया गया है।साथ ही गडारी नाला कटहल कट नाला के माध्यम से कटहर नाले से जुड़ा हुआ है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में (वर्षाकाल पूर्व) उक्त नाला में किमी. 5.600 के सापेक्ष किमी. 2.450 लम्बाई में खुदाई का कार्य पूर्ण हो गया है, अत्यधिक वर्षा होने के कारण उक्त नाला में खुदाई का कार्य रोक दिया गया है। वर्षाकाल समाप्त होने एवं नाला में पानी सुखने के उपरान्त गड़ारी नाला के अवशेष रीच में खुदाई/सफाई का कार्य कराया जायेगा। इस खण्ड के नियंत्रणाधीन कटहर नाला के किमी. 0.800 पर वीआरबी कम कास रेगुलेटर तथा किमी0 6.750, किमी. 9.550, किमी. 13720 एवं कि.मी. 17.700 पर वीआरबी के पुनरोद्धार/ पुर्ननिर्माण एवं किमी. 6400 पर वीआरबी के मरम्मत कार्य की परियोजना रुपये 80319 लाख का तैयार कर इस खण्ड द्वारा विभागीय उच्चाधिकारियों को प्रेषित किया जा चुका है, जिसे आगामी मुख्य अभियन्ता समिति में प्रस्तुत किया
जायेगा।