बलिया: केजरीवाल अधीक्षक ने बताया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 का उल्लंघन करते हुए किसी व्यक्ति को अवैध हिरासत में लिए जाने पर अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा जांच में दोषी पाए जाने पर उत्तरदायी अधिकारी के विरुद्ध संबंधित नियमावली की सुसंगत नियमों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अनुशासनिक पदाधिकारी को अपनी जांच रिपोर्ट तीन महीने में या सुसंगत नियमावली में उल्लिखित समय के अनुसार देना होगा। अगर किसी नागरिक की अवैध रूप से हिरासत प्रमाणित पाई जाती है तो पीड़ित व्यक्ति को 25 हजार की धनराशि का भुगतान भी मुआवजा के रूप में दिया जाएगा।