बलिया।भारतीय वैश्य चेतना महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गांधी के नेतृत्व में वैश्य समाज का एक प्रतिनिधिमंडल कानपुर के वैश्य व्यापारी मनीष गुप्ता का गोरखपुर के होटल में पुलिस पिटाई के कारण मृत्यु और वैश्य नेता प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के संदर्भ में ज्ञापन उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को जिला अधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। जिसमें यह मांग किया गया कि मनीष गुप्ता के पत्नी को एक करोड़ रुपया, एक सरकारी नौकरी तथा मनीष गुप्ता के मृत्यु में दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई किया जाए। दूसरी मांग यह रही की प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल के ऊपर हमला करने वाले मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी अविलंब किया जाए क्योंकि समाज आक्रोशित है। इस मामले का लीपापोती किया जा रहा है।ज्ञापन देने वाले में प्रमुख रूप से साथी रामजी गुप्ता विधानसभा प्रभारी लक्ष्मण गुप्ता , प्रदीप गुप्ता जिला अध्यक्ष,सतीश कुमार गुप्ता ,विनोद वर्मा, दिनेश जी, राजकुमार जी ,राजू कुमार, योगेंद्र जी, अनिल कुमार , अमित कुमार मनोज कुमार राजेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।ज्ञापन देने के बाद कलेक्ट्रेट में एक बैठक हुआ जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गांधी ने कहा मनीष गुप्ता कि बर्बर पुलिस पिटाई के कारण मृत्यु होना दुर्भाग्यपूर्ण है इससे वैश्य और व्यापारी समाज में काफी आक्रोश है ।80 से 90% वैश्य और व्यापारी इस सरकार को वोट देकर बनाए हैं ।अगर इस सरकार में सुरक्षित नहीं रहेंगे तो कहां सुरक्षित रहेंगे। प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता जो भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री भी है उनका सम्मान तक सुरक्षित नहीं रह पाया और ज्ञात हो रहा है कि मामले की लीपापोती हो रही है क्योंकि अभी तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है। बलिया सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी साथी रामजी गुप्ता ने कहा कि गांधी की हत्या करने वाले और गोडसे की विचारधारा को मानने वाली पार्टी के पीछे वैश्य समाज पागल है जो दुर्भाग्यपूर्ण है वैश्य समाज को अविलंब इस पर विचार करना चाहिए ।बलिया सदर विधानसभा सपा के प्रभारी लक्ष्मण गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज का हित भारतीय जनता पार्टी में सुरक्षित नहीं है। इस सरकार में वैश्य समाज के साथ ऐसी ऐसी घटनाएं हो रही है जिससे पूरा वैश्य समाज आहत हो रहा है ।मनीष गुप्ता की हत्या और सांसद संगम लाल गुप्ता के सरकारी कार्यक्रम में पिटाई इस बात का प्रतीक है। वैश्य समाज को इस पर विचार करना चाहिए।