(बलिया) यूपी के बलिया जिले में झमाझम बारिश ने आदर्श नगर पालिका रसड़ा विकास के सभी दावों को पोल खोलकर रख दी। नगर की कई प्रमुख बस्तीया झील की शक्ल अख्तियार कर चुकी हैं। विकास वाला नाला से ओवरफ्लो हुए नालों का पानी लोगों के घरों तक में पहुंच गया है। दिलचस्प बात तो ये है कि जलजमाव की इस समस्या से नगर की पानी टंकी से तहसीलदार बगला भी अछूता नहीं हैं। यहां भी पानी तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर की पानी टंकी रोड़ वार्ड संख्या 5 नाला के दोनों साइड वार्डो की हालत भी बेहद बदतर है। नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने बताया कि यहां स्थित घरों में नाला का पानी घुस गया है। जिससे यहां के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
वहीं आदर्श नगर पालिका दलित बस्ती निचले इलाकों मे वार्ड संख्या 1 की बात करें तो यहां स्थिति और भी बदतर है।
आलम यह है कि इन इलाकों के लोगों ने अपने घरों के निचले हिस्से में आना जाना बंद कर दिया है। बारिश के चलते नगर में जिस तरह से जलजमाव की समस्या सामने आई है, इससे आदर्श नगर पालिका रसड़ा द्वारा किए गए विकास कार्यों पर सवाल खड़े हो गए हैं। आदर्श नगर पालिका का दावा है कि वह नालों की सफाई व निर्माण पर 24 वर्षो में करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है। लेकिन सवाल ये है कि जब नगर पालिका नालों को साफ कर चुकी है तो सड़कों पर पानी क्यों भर रहा हुजुर।
नाले साफ होने के बावजूद आखिर जल निकासी क्यों नहीं हो रही हो सकता है कि नगर पालिका ने नालों की सफाई की दिशा में कुछ कार्य किए हों, लेकिन क्या ये कार्य 24 वर्षो से जलजमाव गंदगी मंछरो की समस्या से निपटने के लिए समय पर्याप्त हैं।
मौजूदा स्थिति को देखकर ये कहा जा सकता है कि नगर पालिका को अभी काफी कार्य करने की ज़रूरत है।
हालांकि नगर पालिका में देखा जाए तो कुल 25 वार्ड है और लगभग सैकड़ों सफाई कर्मचारी जिसमें लगभग पाच दर्जन परमानेंट व बाकी मानदेय पर सफाई कर्मचारी हैं इसके बाद भी लोगों को विकास वाला नाला का सफाई निर्माण आखिरकार जिम्मेदार कौन सुत्रों कि मानें तो नाले के अगल बगल काफी युवाओं की शादी भी रुकीं हुई है।