रिपोर्ट, अब्दुर्रहमान शेख
आजमगढ़ । संघर्ष के 13 साल, इस शीर्षक के साथ राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल ने शहर के एक होटल में तेरहवां स्थापना दिवस मनाने के साथ ही कई राजनैतिक संदेश भी दिया। राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के पदाधिकारी एवम् कार्यकर्ता ने हर्ष उल्लास के साथ पार्टी का स्थापना दिवस मनाया। राष्ट्रीय प्रवक्ता तलहा रशदी ने कहा कि राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल एक ऐसा राजनैतिक दल है, जो एक आंदोलन की कोख से जन्मा है, आज अन्याय, अत्याचार के विरूद्ध जनता की एक मजबूत आवाज बनकर उभरा है। जो आज देश भर में पीड़ितों, वंचितों की आवाज के रूप में जाना जाने लगा है, और यही पिछले तेरह सालों से हमारी उपलब्धि है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वाहन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के लोग 2022के चुनाव के लिए तैयार हो जाएं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव मुफ्ती गुफरान अहमद कासमी, यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष नूरूल हुदा अंसारी, कलीम आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न पार्टियों को छोड़ कर लोग राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के सदस्य बने। इस अवसर पर अब्दुल्लाह शेख, हाजी शकील, घनश्याम प्रजापति, मोहम्मद तालिब, जुल्फिकार अली, मोहम्मद हारिस, सलामुद्दीन समेत बड़ी संख्या में राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ता मौजूद थे। संचालन, तालिब और अध्यक्षता ज़िला अध्यक्ष नोमान अहमद ने किया।