रिपोर्ट, विनय शंकर राय
(लालगंज) आजमगढ़ । लालगंज स्थित सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर हनुमानगढ़ी पर संस्कृत बोध परियोजना लोक जागरण कार्यक्रम प्रधानाचार्य अंशदार यादव के संयोजकत्व में संपन्न हुआ। जिसके मुख्य अतिथि विद्या भारती के गोरक्ष प्रांत के संगठन मंत्री रामेय जी तथा विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश विद्वत परिषद के क्षेत्र संयोजक प्रोफेसर प्रभुनाथ सिंह मयंक जी थे । लोक संस्कृति जागरण कार्यक्रम विद्या भारती के द्वारा पूरे देश में चलाया जा रहा है । उसी क्रम में हनुमानगढ़ी लालगंज पर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है। जिसमें शिशु मंदिरों तथा विद्या मंदिरों के समस्त प्रधानाचार्य उपस्थित रहे ।श्री रामेय जी ने कहा कि 
हमारी संस्कृति ने हमेशा त्याग पर बल दिया है। संस्कृति विहीन व्यक्ति पशु के समान होता है। उच्च पदों पर आसीन संस्कार विहीन व्यक्ति जनमानस के प्रति संवेदनहीन कार्य करता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर प्रभुनाथ सिंह मयंक ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने हमेशा उच्च आदर्शमय आचरण पर बल दिया है। हम समस्त पृथ्वी को कुटुंब के समान मानते हैं । सभी लोगों में प्रेम ,सहयोग और आत्मीयता का भाव भरना ही हमारी संस्कृति का उद्देश्य है। इस्लामिक आदि संस्कृतियां ,हिंसा लूटमार पर बल देती हैं ।जबकि हमारी संस्कृति प्रेम आत्मीयता और जन सहयोग के भावों पर बल देती हैं ।सभी लोगों को भारतीय संस्कृत के मूल आदर्शों से परिचित कराना है इस कार्यक्रम का लक्ष्य है।इस अवसर पर विद्या भारती के प्रदेश मंत्री अवध नारायण जी, प्रांत निरीक्षक जिया लाल जी, रामजतन जी, बैजनाथ सिंह ,पूर्व प्रधानाचार्य ओमप्रकाश सिंह, संघ के जिला व्यवस्था प्रमुख उमाशंकर मिश्रा राम बिहारी गिरि,सुरेश शुक्ला, रजनीशजायसवाल,दिनेश,नन्दलाल गुप्त, आदि लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे।