रिपोर्ट, बृजेश सिंह
अम्बेडकरनगर । आम आदमी पार्टी ने लखीमपुर में शांति ढंग से प्रदर्शन कर रहे किसानों पर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे द्वारा किसानों के ऊपर गाडियां चढ़ा कर 4 किसानों की हत्या के विरोध में धरना प्रदर्शन किया, और महामहिम राज्यपाल महोदया को संबोधित ज्ञापन सम्बन्धित अधिकारी को सौंपा। जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि 10 महीने से देश का अन्‍नदाता क‍िसान धरने पर बैठा है। 650 क‍िसानों ने या तो आत्‍महत्‍या की है, या गोल‍ियों से भून द‍िया गया है। और सरकार से उनकी एक ही मांग है क‍ि इन तीनों काले कानूनों को वापस ल‍िया जाए। सरकार क्यों नहीं मान रही है, दरअसल ये काले कानून क‍िसानों की मौत का फरमान है। इसमें पूजी पतियों को फसलों के असीमित भंडारण के अधिकार दिए गए हैं। इसके चलते जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ेगी और आम अन्नदाता किसानों की स्थिति सुधारने की जगह पूंजीपतियों के खजाने में वृद्धि होगी। इन कानूनों के तहत की गई कांट्रैक्ट फार्मिंग की व्यवस्था से एक तरह से जमीदारी प्रथा की फिर से वापसी हो जाएगी। किसान चाह कर भी अपने खेतों पर अपने मनमाफिक खेती नहीं कर सकेगा। इन कानूनों के आलोक में किसानों को अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल पाना भी संभव नहीं दिख रहा। इन्हीं आशंकाओं को लेकर देशभर में अन्नदाता इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं। किसान अपने अधिकारों कोसुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे हैं, लेक‍िन केंद्र सरकार इन क‍िसानों के संघर्ष का सम्मान करने की जगह उन्हें खाल‍िस्‍तानी, पाक‍िस्‍तानी, गुंडा और मवाली कहकर लगातार अपमानित करने का काम कर रही है। कभी उनके सामने कंटीले तार लगाए जाते हैं, तो कभी लाठियां बरसा कर उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश हो रही है। इसी क्रम में कुछ द‍िन पहले केंद्रीय राज्य मंत्री अजय म‍िश्र टेनी का एक आपत्तिजनक बयान आया, जिसमें उन्होंने आंदोलनकारी किसानों को चेतावनी देते हुए आंदोलन खत्म करने के लिए कहा था। केंद्रीय मंत्री की धमकी से गुस्साए क‍िसानों ने उनके गांव में आयोजित उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मौके पर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। किसान विरोध जताने के लिए जब जमा थे तभी केंद्रीय राज्य मंत्री के समर्थकों की गाड़ियों का काफिला उनके बीच से गुजरा जिसमें एक वाहन द्वारा दुस्साहसिक ढंग से प्रदर्शनकारियों को कुचल दिया गया। सूचना म‍िल रही है क‍ि केंद्रीय राज्य मंत्री का बेटा उस गाड़ी में सवार था और उक्त वाहन द्वारा रौंदकर 4 आंदोलनकारी क‍िसानों की हत्या में उसकी संलिप्तता है। यह घटना अंग्रेजी शासन की जुल्म ज्यादती को भी पीछे छोड़ने वाली है। आजादी के 75 साल बाद भारतीय जनता पार्टी के शासन में घटी इस घटना ने पूरे लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया है। लग रहे आरोपों के मुताबिक 4 क‍िसानों को केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा अपनी गाड़ी से रौंदकर मार देना, उसकी न‍िगाह में क‍िसान की कीमत जानवर से भी कमतर होने का बोध कराता है। ऐसा प्रतीत होता है कि उसकी नजरों में देश के अन्‍नदाताओं की कीमत क‍िसी भुनगे से ज्‍यादा नहीं है। इस दिल दहला देने वाली घटना से पूरा देश सन्न है।ऐसे में आम आदमी पार्टी की मांग है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए आप दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएं। चूंकि प्रकरण में आरोप केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे पर लग रहे हैं ऐसे में आमजन के संवैधानिक अधिकारों के रक्षक के रूप में आप इस प्रकरण का संज्ञान लेकर यह सुनिश्चित करें कि आम जनता का विश्वास लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति बना रहे। मारे गए किसानों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने के साथ आप उनके आश्रितों को न्याय दिलाएं। किसानों की मौत का वारंट बन गए तीनों काले कानूनों की वापसी के लिए केंद्र सरकार पर दबाव भी बनाएं। मामले में हत्‍यारों को ग‍िरफ्तार करके सख्‍त से सख्‍त सजा दी जाए, इसके लिए आम आदमी पार्टी आपसे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश भी करती है। इस कार्यक्रम में मुख्यरूप से निकेश कन्नौजिया, खुशीराम यादव, राजेन्द्र वर्मा, रामसूरत, भरत लाल बौद्ध, सौरभ वर्मा, वीरेंद्र वर्मा, प्रदीप यादव,मुन्नलाल, राकेश वर्मा, मूलचंद जायसवाल, रक्षाराम वर्मा, राम बरन प्रजापति सुलतान शाह, कासिम अब्बास, अनीता यादव, अविनाश यादव, शिवम् वर्मा, विनोद पटेल, श्याम कृष्ण, संध्या राजभर आदि लोग उपस्थित रहे।