पिन्टू सिंह

(बलिया) यूपी के पूर्वी छोर पर बसा बलिया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पर शनिवार की सुबह इलाज के दौरान एक तीन वर्षीय मासूम की मौत से परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज के लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया।
बताते चलें कि रानीगंज कोटवा निवासी सुभाष उर्फ माझिल तुरहा के तीन वर्षीय पुत्र प्रिन्स की तबीयत अचानक भोर में बिगड़ गई।आनन फानन में परिजन मासूम को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवां पर डाक्टर विजय यादव के आवास पर सुबह 6 बजे के आसपास पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि लगभग एक घंटे तक डॉक्टर साहब अपने दरवाजे पर बैठाया रखे।
कहा कि चाय पीकर आ रहे हैं। लगभग एक घंटे बाद उनका एक कर्मचारी बाहर आया और एक पर्ची देकर कहा की जाओ यह इंजेक्शन खरीद लाओ। जब हम दौड़े दौड़े इंजेक्शन खरीद कर ले आए तो वही कर्मचारी इंजेक्शन लगाया। इस बीच डॉक्टर साहब ने बच्चे को देखा तक नहीं। केवल हम लोगों से पूछा कि बच्चे को क्या परेशानी है यही पूछे थे। इंजेक्शन लगाने के लगभग 10 मिनट बाद वही कर्मचारी जो इंजेक्शन लगाया था बच्चे को देखने आया और कहा कि अरे यह तो मर गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर साहब एक घंटे तक इंतजार करवा कर हमारे बच्चे की जान ले ली है।
जीना मरना तो भगवान के हाथ में है। लेकिन काश डॉक्टर साहब एक घंटे पहले दवा इलाज शुरू कर दिए होते तो शायद बच्चे की जान बच जाती।
हालांकि इस संदर्भ में डॉक्टर का पक्ष जानकारी करना चाहां उनका कहना था कि मैंने बच्चे को देखा था। उसकी आंख बंद थी। मैंने इंजेक्शन लिखकर मंगवाया और लगवाया, उसको बलिया रेफर किया जा रहा था तभी यह घटना हो गई। परिजन बवाल करने लगे और हाथापाई पर आमादा हो गए। जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया।