लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की जोरदारी तैयारी के क्रम में रविवार से प्रदेश में सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन की शुरुआत की। भाजपा ने 15 दिन में 27 सम्मेलन का कार्यक्रम तय किया है। लखनऊ के पंचायत भवन में रविवार को पहले सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुम्हार और प्रजापति समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। इस सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने प्रतिनिधियों को सत्ता तथा संगठन में भागीदारी की जानकारी दी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवादी विचारधारा को मानने तथा उसी पर चलने वाली पार्टी है। भाजपा सबके सुख का कामना करने के साथ ही सबका साथ, सबका विश्वास तथा सबका विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी की व्यस्तता के बीच भी आप लोग बड़ी संख्या में यहां पर पहुंचे हैं, यही लोगों का भाजपा पर विश्वास है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपने साढ़े चार वर्ष से अधिक के कार्यकाल में हमारी सरकार ने सभी पर्वो और त्यौहार हमने शांति पूर्वक सम्पन्न किया है। पहले त्यौहार में कर्फ्यू लग जाता था। पहले पर्व और त्योहार अंधेरे में धकेल दिया जाता था। पिछली सरकारों में तो लोग प्रदेश में दंगाइयों को प्रश्रय देते थे। बीते चार वर्ष में तो कोई दंगा नहीं हुआ है। यहां तो हमारी तरफ से दंगाइयों को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है। दंगा करोगे तो छह पीढ़ी हर्जाना भरेंगी। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में कहीं पर भी धर्म, जाति, पंथ तथा मजहब के नाम पर दंगा नहीं होने दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्होंने भी दंगा करने का प्रयास किया, उनको इतना कठोर सबक दिया है कि उनके पुरखे तक याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि अभी भी हम दंगा करने की योजना बनाने वालों को भी चेतावनी देते हैं कि अगर दंगा करोगे तो आपकी छह पीढ़ी इसका खामियाजा भुगतने के साथ ही हर्जाना भी भरेंगी। उन्होंने कहा कि जब पर्व और त्योहार आते थे, जब कमाई करनी होती थी। जब आस्था का सम्मान करना होता था तब प्रदेश में कर्फ्यू लग जाता था, दंगे होते थे। पिछली सरकारों की फितरत दंगों में थी। वह दंगाइयों को आगे बढ़ाने का काम करते थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने त्यौहार में सबके सुख और सबके अरोग्य की कामना की। पीएम मोदी ने भी कहाकि सबका साथ सबका विकास। हम सभी के विकास के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश और प्रदेश में शासन किया यह नारा भी नहीं लगाते थे। पहले नारा था सबका साथ लेकिन खुद के परिवार का विकास। उन सभी ने स्वयं के परिवार के अलावा कभी देश और प्रदेश को सोचा ही नहीं। प्रदेश को दंगों में झोंक दिया गया था।