राजेश सिंह
आजमगढ़ । धान के क्रय विक्रय के लिए शासन अब कोटेदारों को ऑनलाइन पंजीकरण की जिम्मेदारी सौंप दी है, जिससे किसानों को जनसेवा केंद्रों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। किसान अब अपने निकटवर्ती कोटेदार से संपर्क कर आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं, जिसके लिए खाद्य एवं रसद विभाग के वेबसाइट पर धान विक्रय के लिए किसानों के पंजीकरण की व्यवस्था ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है। वहीं क्षेत्र के किसानों के फसल बर्बादी को लेकर असमंजस बना हुआ है । किसानों की 80% फसलें पानी में डूब चुकी है, जिसकी वजह से किसान काफी चिंतित है। वहीं शासन द्वारा कोटेदारों के माध्यम से धान क्रय के लिए पंजीकरण कराया जा रहा है, जहां पर लोगों की संख्या बहुत ही कम है। किसानों का आरोप है कि जलजमाव से अभी तक जूझ रहे हैं, धान की पकी फसल घर तक पहुंचेगी या नहीं ऐसे में कोटेदारों के माध्यम से पंजीकरण कैसे कराया जाए । वहीं क्षेत्र के कुछ बड़े किसान ने अपने नजदीकी कोटेदार से संपर्क कर अपना पंजीकरण भी करा लिया है, छोटे किसान अभी भी पंजीकरण से वंचित है।, हैदरपुर खास के कोटेदार राम सिंह ने बताया कि शासन द्वारा एक ऐप मशीन आई हुई है, लोगों को इस विषय में अभी जानकारी नहीं है। राशन वितरण के दौरान लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। गांव के जो बड़े किसान हैं, वह ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं, इस दौरान जो भी किसान पंजीकरण के लिए आता है, उसका पंजीकरण किया जाएगा। वही नगर पंचायत कोटेदार विवेक सिंह ने बताया कि खाद एवं रसद विभाग द्वारा पंजीकरण के लिए दिया एप गया है, जो मोबाइल तथा मशीन दोनों में उपलब्ध है। लोगों के अंदर अभी जानकारी का अभाव है जितने लोग भी पंजीकरण के लिए आएंगे उनका पंजीकरण अवश्य किया जाएगा।