👉पिन्टू सिंह

(बलिया) यूपी के मऊ जनपद के हलधरपुर मे उत्तर प्रदेश की सियासत में सुहेलदेव भासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर इस समय राजभर मतों के सबसे बड़े सौदागर बन गये हैं।
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा से सौदा कर 27अक्टूबर को रेलवे मैदान मऊ में तब भाजपा कार्यकर्ताओं की औकात बता दी थी।जब,अमित शाह की जनसभा में पहुंचे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को घुसने तक नहीं दिया और जनसभा स्थल से बैरंग वापस होने पर मजबूर कर दिया था।इस बार भी सुभासपा के स्थापना दिवस पर भी श्री राजभर ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मऊ जनपद को ही अपने राजनीतिक सौदेबाजी के लिए चुना।यह अलग बात है कि इस बार उनका मोहरा भाजपा नहीं बल्कि सपा बनने जा रही है।सुभासपा के स्थापना दिवस समारोह में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि होंगे।लेकिन,इस जनसभा में सपा कार्यकर्ता और नेता घुसने नहीं पाएंगे।यदि सपा कार्यकर्ता जनसभा में जाना ही चाहेंगे तो उन्हें अपनी पहचान छुपाकर जाना होगा या फिर सुभासपा कार्यकर्ता के रूप में जाना होगा।वरना,जैसे पांच साल पहले अमित शाह के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं को अपमानित होना पङा।उसी तरह अखिलेश यादव के सामने सपा कार्यकर्ताओं को भी अपमानित होना पड सकता है।
सपा कार्यकर्ता इस अपमान का घूंट पी पाएंगे या नहीं?यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।लेकिन,सुभासपा की इस शर्त से सपा और सुभासपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की आशंका उत्पन्न हो गयी है।दोनों दलों की राजनीतिक सौदेबाज़ी में सर्वाधिक लाभ कौन उठा ले जाएगा?यह भी आगामी विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद पता चल सकेगा।लेकिन,यह तो तय है कि दोनों दलों के सौदेबाजी के इस खेल में कल अखिलेश यादव के सामने ही सपा के झंडा-बैनर और सपा के आम कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा का चीरहरण जरूर होगा।