बलिया। कार्तिक मास में महाबीर घाट पर द वैदिक प्रभात फाउंडेशन की ओर से लगाए गए कल्पवास शिविर में हो रहे श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा से क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। 

श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण कराते हुए चैतन्य हरिजी महाराज ने वाणों की शैय्या पर लेटे भीष्म पितामह और भगवान के बीच हुए वार्तालाप को बताते हुए बहुत ही सुंदर तरीके से श्रोताओं को सुनाया। जिस पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो महाराज जी के मुख से निकल रहे कथा का रसपान करते रहे। महाराज जी ने कहा अंतिम समय व को भगवान की याद आ जाय उनके दर्शन हो जाय उससे बड़ा सौभाग्यशाली कौन हो सकता है। कथा के शुरुआत से पहले फाउंडेशन के संस्थापक महाराज बद्री विशाल ने बांकेबिहारी के आरती व शृंगार किया।