चिलकहर ब्लाक में बड़े पैमाने पर हुआ है खेल

बलिया।उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार को मिटाने हेतु कितना हूं ढिढोंरा पीट ले,लेकिन सम्बन्धित अधिकारियों / कर्मचारियों के ऊपर इसका कोई असर पड़ने वाला नहीं है। ज्ञात हो कि पिछले साल 25 दिसम्बर 2020 को पुराने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया था और नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों का वर्चुअल शपथ ग्रहण 25- 26 मई 2021 को समपन्न हुआ था। इस बीच हर ब्लाकों में ए.डी.ओ. (पंचायत) और जनपद स्तरीय कोई अधिकारी चार्ज पर रहे है। खबर है कि इस दौरान जनपद के चिलकहर ब्लाक में बहुत बड़े पैमाने पर धन की निकासी की गई है , जिसका कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो पाये है।
खबर तो यहां तक है कि ग्राम प्रधानों के डोंगल का इसमे बहुत बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है।कुछ प्रधानों को तो उनके डोंगल उन्हें देखने तक को नहीं मिले है और सम्बन्धित सचिव उसका प्रयोग कर कई-कई बार धन की निकासी अपने नजदीकी फर्मो पर कर चुके हैं। प्रशासकीय काल में तो ये खेल खुब हुआ है। प्रशासकीय काल में तो प्रशासको द्वारा अधुरे कार्यो को भी पूरा दिखाकर परियोजना से सम्बन्धित पूरी धनराशि निकाल ली गयी है। कुछ गांवो में इसकी खबर तब लगी है,जब कुछ ग्रामीणों ने अधुरे कार्यो को पुरा करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों/ कर्मचारियों से सम्पर्क साधना शुरु किया है। कहीं कहीं तो इन अधुरे कार्यों को पूरा करने के लिए नये ग्राम प्रधानों पर अनाधिकृत दबाव डालकर उसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
यदि 25दिसम्बर 2020 से 24 मई 2021 तक के किये गये भुगतानों की सही ढंग से जांच कर दी जाये तो बहुत बड़े पैमाने पर और घोटाले सामने आ सकते है। खबरों के अनुसार कहीं-कहीं तो सम्बन्धित ग्राम प्रधानों को उनका डोंगल देखने तक को नहीं मिला है और समबन्धित सचिवों ने प्रशासकों को मिलाकर धन उतार कर बन्दर बांट कर लिया है। इस खेल मे् सम्बन्धित ग्राम पंचायतों के सचिव,प्रशासक और वह फर्म भी शामिल है, जिनके खाते में भुगतान किया गया है।