उपचार के अभाव में रसड़ा सीएचसी पर बच्ची ने तोड़ा दम 

👉पिन्टू सिंह
(बलिया) उत्तर प्रदेश में एक तरफ सरकार जहाँ स्वास्थ्य विभाग पर पानी की तरह पैसा बहा रही है।साथही जहां बेटी पढ़ाओ , बेटी बचाओ, सहित मिशन शक्ति के तहत बेटियों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में अनवरत कार्य कर रही है ।
वहीं समाज में आज भी कुछ कुमाता ऐसी भी हैं जो अपनी नवजात जन्मी बच्ची को झाड़ियों में फेंक कर बेरहमी का परिचय दे रही हैं।
कुछ ऐसा ही मामला यूपी के बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के मुस्ताफाबाद गांव के ढाका चटट्टी के सपीम शुक्रवार को सुबह 11 बजे देखने को मिला जब एक कुमाता ने अपनी नवजात बच्ची को झाड़ियों में फेंक दिया। झाड़ियों के पास से गुजर रहे बच्चों ने जब नवजात के रोने की आवाज सुनी तो लोगों को बुलाया।
मानवीय संवेदना व मानवता का परिचय देते हुए मुस्तफाबाद ढाका गांव के ही जया देवी पत्नी राजेश राजभर ने उसे अपने आंचल में लेकर रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुंची किंतु झाड़ियों में फेंक देने से नवजात बच्ची के कई अंगों से रक्त श्राव के चलते चिकित्सकों ने अन्यंत्र रेफर कर दिया किंतु  कुछही देर बाद उसकी मौत हो गई।
मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाल इस घटना को लेकर पूरे दिन तरह-तरह की चर्चा होती रही