अबुल फैज
(मुबारकपुर) । आज़मगढ़ पूर्व चेयरमैन मुबारकपुर हाजी मोहम्मद यूनुस अंसारी मरहूम की नातिया शायरी पर आधारित पुस्तक,, क्या क्या कहूं तुझे ,, के विमोचन के सिलसिले में एक जश्न का आयोजन विगत रात्रि स्थित उनके भाई चेयरपर्सन प्रतिनिधि हाजी अब्दुल मजीद अंसारी के आवास पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुफ्ती मोहम्मद निजामुद्दीन रज़वी और संचालन मौलाना तौफीक हसन बरकती ने किया। इस अवसर पर जामिया अशरफिया मुबारकपुर के प्रिंसिपल मुफ्ती बदरे आलम मिस्बाही ने कहा कि स्वर्गीय हाजी मोहम्मद यूनुस अंसारी धर्म और सियासत के संगम थे सियासी तौर पर जो उन्हें समाज में स्थान प्राप्त था उसी तरह धार्मिक मामलों में भी उनकी काफी प्रमुखता थी। हाजी साहब एक शायर भी थे और अंजुमनों के लिए नातिया शायरी बहुत ही अनमोल अंदाज में करते थे । विशेष रूप से अशरफिया के हंगामे चंदे के मौके पर उनकी लिखी हुई नजम पढ़ कर चंदे मांगे जाते थे, तो लोग भावना में आकर जो कुछ भी होता था वह हवाले कर देते थे। इसके अतिरिक्त सदर मुफ्ती मौलाना निज़ामुद्दीन रज़वी, मौलाना तौफीक अहसन बरकाती, मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही, अम्मार अदीबी, शाहिद फारूकी एडवोकेट आदि ने भी सम्बोधित किया। जिसमें सदर मुफ्ती मौलाना निज़ामुद्दीन रज़वी, जामिया अशरफिया के उपाध्यक्ष सूफी निज़ामुद्दीन, विश्व प्रसिद्ध स्कॉलर, लेखक, अदीब शायर डाक्टर फज़लुर्रहमान शरर मिस्बाही, मौलाना ज़ाहिद सलामी, मौलाना अख्तर हुसैन फैज़ी, मौलाना जावेद चिश्ती, महताब पयामी आदि के कर कमलों द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया। इसी के साथ मुबारकपुर नगर व आसपास के क्षेत्रों के दर्जनों शायर कवी एवं साहित्यकारों को अंग वस्त्र से सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव, ज़ियाउल्लाह अंसारी महा प्रधान, शम्सुद्दीन प्रधान, हाजी महमूद अख्तर नोमानी, सहित दर्जनों धार्मिक, सियासी व समाजी हस्तियां, जनप्रतिनिधि, नगर व आसपास के क्षेत्रों के शायर व अदीब और आम नागरिकों ने शिरकत की। यह प्रोग्राम हाजी यूनुस मरहूम के बिरादरान हाजी मज़हर अंसारी व चेयरपर्सन प्रतिनिधि हाजी अब्दुल मजीद अंसारी आदि की तरफ से आयोजित किया गया था।