बलिया। (दिनेश गुप्ता)एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार विभागों में तबादलों पर कोरोना काल से ही अति आवश्यक न हो को छोड़कर रोक लगायी हुई है तो वही सीएमओ डॉ. तन्मय कक्कड़ ने इसको मध्य सत्र में जारी रखा है । सूत्रों से मिली खबर के अनुसार सीएमओ ने लगभग 35 एएनएम का स्थानांतरण किया है ।
स्थानांतरण हेतु जो बजह बतायी गयी है, वह और चौकाने वाली है । इनके द्वारा सरप्लस के नाम पर स्थायी को हटाकर संविदा की एएनएम की पोस्टिंग की गई है जो कर्मचारियों में आक्रोश का कारण बनती जा रही है ।
कर्मचारी नेता सत्या सिंह ने कहा है कि मध्य सत्र में किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण ठीक नही है ।अगर यह आदेश निरस्त नही होता है तो कर्मचारियों द्वारा सीएमओ का घेराव,धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जायेगा ।
कहा कि किसी भी सेंटर की स्थायी एएनएम सरप्लस कैसे हो सकती है ,अगर सरप्लस भी होंगी तो धनउगाही के चलते तैनात की गई संविदा की एएनएम । कहा कि अगर इतनी बड़ी संख्या में सरप्लस थी तो यह दर्शाता है कि ऊपर से नीचे तक धनउगाही करके पोस्टिंग दी गयी थी ।
इस संबंध में पता करने पर ज्ञात हुआ कि लगभग 14 स्थायी व 21 संविदा की एएनएम का स्थानांतरण किया गया है । सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सीएमओ को सरकारी आदेशो की अवहेलना करके वर्षो से कुंडली मार कर जमे हुए चिकित्सको को हटाने की बात नही सूझी,वर्षो से जमे बीसीपीएम व बैम को हटाने की नही सोचे,लेकिन जिनके द्वारा कोरोना काल मे घर घर जाकर दवा वितरण से लेकर संभावित मरीजो का चिन्हांकन किया गया,उनको हटाना बहुत जरूरी लगा,और स्थानांतरण आदेश जारी कर दिये ।
वैसे पिछले माह से ही बाबुओं के स्थानांतरण का दो से तीन आदेश वायरल दिखा लेकिन हकीकत में आजतक एक भी आदेश कार्यान्वित होता दिखा नही ।