शाहिद स्मारक पर पुष्प पार्षद करते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग

अमृत महोत्सव को संबोधित करते मुख्य अतिथि प्रोफेसर रामकृष्ण उपाध्याय

बैरिया (बलिया)राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा बैरिया स्थित सुरजन बाबा के पोखरा परिसर में मंगलवार को आयोजित अमृत महोत्सव में संघ द्वारा 18 अगस्त 1942 के शहीदों के वंशजों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया वही निखण्ड भारत को अखंड बनाने पर जोर दिया गया। जिसमें पूर्व की तरह अफगानिस्तान से लेकर वर्मा तक बृहदत्तर भारत की कल्पना को साकार करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के प्रवक्ता रामकृष्ण उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि भारत देवभूमि है।यहां देवता भी अवतार लेने के लिए लालायित रहते हैं। इसलिए इस देश की अपनी पहचान बनाए रखना है। संस्कृति नष्ट ना हो, समाज में विघटन ना हो, संस्कार कायम रहे, इस तरह के उपाय सभी को करनी चाहिए। यह कौन सा समाजशास्त्र की पढ़ाई है, कि लोग समाजशास्त्र पढ़कर पीएचडी की डिग्री लेते हैं, और नौकरी लगने पर पत्नी लेकर परिवार से अलग हो जाते हैं। यह समाजशास्त्र का उद्देश्य नहीं है। बल्कि संयुक्त परिवार की अवधारणा इस देश की संस्कृति रही है। वह कायम रहना चाहिए। इस अवसर पर नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य डॉ राजेंद्र पांडे ने कार्यक्रम का प्रस्तावना विस्तार से प्रस्तुत किया।इस मौके पर अनिल पांडे, अरुण कुमार सिन्हा, अरविंद सिंह सेंगर,विद्या भूषण सिंह हजारी, राजीव सिंह, दिग्विजय सिंह, मिथलेश चौबे ,आदित्य पाराशर, गोपाल जी,प्रिंस कुमार सिंह, श्वेता पांडे,विभा पांडे ,प्रीति कुशवाहा आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता उदय प्रताप सिंह व संचालन कमलाकांत जी ने किया।