बलिया।फाइलेरिया मुक्ति अभियान के क्रम में बुधवार को जिला मलेरिया विभाग द्वारा जिला सूचना विभाग , राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, रोडवेज, रेलवे स्टेशन एवं अन्य विभागों में कर्मचारियों तथा अधिकारीगणों को फाइलेरिया (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) की दवा डीईसी एवं एल्बेंडाजोल आयु वर्ग के अनुसार खिलाई गई ।फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है। जिसे सामान्यतःहाथी पांव के नाम से जाना जाता है। फाइलेरिया के लक्षणों में पैरों और हाथों में सूजन और हाइड्रोसील की शिकायत हो जाती है ।किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 5 से 15 वर्ष तक लग सकता है। सरकार द्वारा मुफ्त में दवाओं का वितरण किया जा रहा है। फाइलेरिया से बचने के लिए फाइलेरिया रोधी दवाओ का प्रयोग करें,मच्छरदानी लगा कर सोये, अपने आसपास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें। जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने बताया कि यह ध्यान रखने की जरूरत है कि मलेरिया से संबंधित दवा दो साल से छोटे बच्चों ,गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं देना है। यह दवा खाली पेट नहीं खानी है ।आइमेर्क्तिन 5 साल की उम्र के बाद ही दिया जाना है ।आइमेर्क्तिन के आधार पर तथा डीइसी एवं एल्बेंडाजोल उम्र के आधार पर देना है। हर पात्र व्यक्ति को अपने सामने ही दवा खिलाना है।

इस टीम में मलेरिया निरीक्षक कृष्ण कुमार पांडेय ,रीजनल कोऑर्डिनेटर विकास द्विवेदी, वर्क फील्डर हरिराम गौतम इत्यादि उपस्थित थे।