रिपोर्ट, वरूण सिंह
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी आज यानी सोमवार को इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने जा रहे हैं, आज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरि महाराज उन्हें सनातन धर्म धर्म ग्रहण कराएंगे । पिछले दिनों ही वसीम रिजवी ने अपनी वसीयत लिखी थी, और उसमें ऐलान किया था, कि उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाजों से किया जाए । मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रिजवी को आज सुबह साढ़े दस बजे यति नरसिंहानंद गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में हिंदू धर्म ग्रहण कराएंगे, और इस दौरान वहां पर अनुष्ठान किए जाएंगे, और उसके बाद वसीम रिजवी को हिंदू धर्म ग्रहण कराया जाएगा, वसीम रिजवी कई सालों से अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में है, पिछले दिनों ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कुरान के विवादित आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को रिट दाखिल की थी, और कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया था, वसीम रिजवी ने कुछ दिनों पहले ही अपनी इच्छा जारी की थी, इसमें उन्होंने घोषणा की थी, कि उन्हें मौत के बाद दफनाया न जाए, बल्कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाए, उन्होंने ये भी कहा था कि उनकी चिता को यति नरसिंहानंद मुखाग्नि दें,
सिर कलम करने की धमकी
दरअसल पिछले दिनों ही रिजवी ने एक वीडियो जारी कर कहा था, कि मुझे मारने और सिर कलम करने की साजिश रची जा रही है, मेरा एकमात्र अपराध यह है कि मैंने कुरान की 26 आयतों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, क्योंकि ये गलत हैं और समाज में इनका गलत असर हो रहा है, तभी उन्होंने कहा था कि अगर मुसलमान उन्हें मारना चाहते हैं, और वह मेरे मरने के बाद किसी भी कब्रिस्तान में जगह नहीं देंगे, इसलिए मेरे मरने के बाद मेरा अंतिम संस्कार कर देना चाहिए, और उनके शव को यति नरसिंहानंद मुखाग्नि दें । उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कुरान से 26 श्लोक आयतों को हटाने की मांग की थी, इसके बाद रिजवी मुस्लिम संगठनों के निशाने पर आ गए हैं, और मुस्लिम संगठनों का यह भी कहना है कि रिजवी का इस्लाम और शिया समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है।