👉पिन्टू सिंह

👉 यूपी में शिक्षा विभाग का हाल बेहद दयनीय है शासन से आडिट के लिए भेजी जाने वाली टीम में ही जब भ्रष्ट अधिकारी हो तो बच्चों के शिक्षा के नाम पर अपनी कमाई करने वाले हेडमास्टर के हौसले बुलंद होंगे ।👉कुर्सी पर भ्रष्ट अफसर हो तो कैसे हो पूर्वांचल विकास
जी हां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मेसर्स मार्क्स एण्ड ऐसोसिएट चार्टेड एकाउंट (लखनऊ) से जांच के लिए टीम को पकवाइनार पहुंचना था मगर साहब बलिया होटलों से लेखा लिपिक राधेश्याम यादव के माध्यम से बीआरसी पर जमकर वसूली का खेल खेला गया।
👉सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी के देखरेख में आडिट होना था मगर हुजूर शादी विवाह में व्यस्त व मस्त रहे।
हालांकि शिक्षकों को छुट्टी लेने के लिए आन लाइन प्रेरणा एप पर आवेदन करना पड़ता है मगर हुजूर छुट्टी पर थे या नहीं यह तो बेसिक साहब ही को जानकारी होगी।
क्या ऐसे पूर्वांचल की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आएगी जवाब तो शिक्षा मंत्री व शिक्षा विभाग में सालों से जमे अधिकारी कर्मचारी ही दे सकते हैं ।
शर्म इस बात पर आती है कि आडिटर स्वयं यहां न आकर यहां सालों से तैनात लेखा लिपिक राधेश्याम यादव को जिम्मेदारी वसूली में लगा दिया ।
बताते चलें कि रसड़ा शिक्षा क्षेत्र अन्तर्गत कम्पोजिट स्कूल सहित लगभग 200 के आस-पास है।
बलिया स्थित रसडा तहसील के पकवाइनार मे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी ब्लाक संसाधन केंद्र रसडा डायट परिसर बीआरसी पर आडिट टीम समय सीमा के अंदर तक नहीं पहुंची लखनऊ से आडिटर आए तो थे जांच करने 200 स्कूलों के प्रधानाध्यापक भी बुलाए गए थे वर्ष 2020-21 में विधालयों में बच्चों को दी जाने वाली ड्रेस भवन में बने बाउंड्री वॉल सहित 31 मार्च 2001 तक का आडिट चल रहा था मजे की बात यह है कि लखनऊ से हुजूर ऑडिट कम वसूली करने में होटल से ही मोबाइल पर संचालन में जुटे थे ।
ड्रेस और बाउंड्री वॉल बनाने वालों से ₹300 वसूले जा रहे थे शाम तक बीआरसी पर वसूली का गेम चला ।
हालांकि लिपिक के सहयोग में एक शिक्षक भी लगा रहा स्कूल पर ना रहकर साहब को चाय पानी व खुशामद करने में लगा रहता है।
इस बारे में संवाददाता ने बलिया बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवनारायण सिंह जी से बात की तो उन्होंने बताया कि आपके द्रारा जानकारी प्राप्त हुआ है।
रसडा खण्ड शिक्षा अधिकारी से बात करते हैं और जाचं कर कार्रवाई करेंगे ।
यह वही राधेश्याम यादव है जो शासन में भ्रष्ट अधिकारियों की चापलूसी कर अपनी तैनाती रुकवाते रहा हैं इस बात को भी लेकर यहां कर्मचारियों में काफी आक्रोश है ।
दैनिक भास्कर न्यूज डाटकाम हर बार कि भातिं मामले को गंभीरता से लिया है देखना है अधिकारी कारवाई करते हैं दोषी लेखा लिपिक का तबादला करते है या जिलाधिकारी बलिया से सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखते है।
या भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं।
👉बताते चले कि इस घटना के 24 घंटे बाद संवाददाता ने बेसिक साहब से सम्पर्क कर जानकारी करना चाहा कि लिपिक के उपर कुछ कारवाई हुआ कि नहीं मगर बार बार फोन मिलाने के बाद भी रेज से बाहर बता रहा था इस वजह से जानकारी प्राप्त नहीं हुआ।
👉हालांकि पूरे मामले को ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ रसड़ा तेज प्रताप सिंह से पूछा तो उन्होंने कहा यह बहुत ही गलत बात है आडिटर स्वयं ना आकर लिपिक से वसूली कराया यह अच्छी बात नहीं है।
संवाददाता से बातचीत सिंह साहब ने स्पष्ट शब्दों में कहा 24 घंटे बाद भी लिपिक पर कारवाई नहीं होना कहीं ना अधिकारियों की मिली भगत के तरफ इशारा करता है।
👉बताते चले कि 2015 मे बलिया बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने ऐसे ही मामले में दोषी लिपिक को तत्काल मुरली छपरा कर दिया था और डीएम बलिया को सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा था।
अब देखना है कि बलिया बेसिक शिवनारायण सिंह जी क्या करते हैं ः