बलिया। नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जीराबस्ती के तत्वाधान में स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव कार्यक्रम ग्राम धरहरा में आयोजित किया गया। जिसमें भारत माता की आरती के साथ पूजन वंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राम कुमार यादव ने कहा कि यह बड़े ही गर्व की अनुभूति कराने वाला विषय है कि आजादी के 75 वर्ष में उन स्वतंत्र वीरों के साथ गुमनाम क्रांतिकारियों को भी गांव गांव से उनके योगदान व बलिदान को याद कर नई पीढ़ी को अवगत कराया जा रहा है ।अपने पूर्वज बलिदानीयो वीरों पर हमें गर्व हो रहा है। कार्यक्रम के अध्यक्ष पंडित राजेश्वर पांडे अपने उद्बबोधन में कहा में कहा कि जननी और जन्म भूमि का वर्णन देवताओं के लिए भी असंभव है समुद्र को स्याही,कल्पवृक्ष के तना को लेखनी और पृथ्वी को कागज बना दिया जाए और स्वयं सरस्वती माता को लिखना या वर्णन करना पड़े तो भी यह संभव नहीं,यह महत्ता है जननी और जन्म भूमि की। कार्यक्रम के संयोजक प्रमोद श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीयता के भाव को बढ़ाना ही आज के समय की मांग है आज के बालक माता-पिता परिवार तक ही सीमित होते जा रहे हैं। राष्ट्र और राष्ट्रीयता से दूर हो रहे हैं। प्रधानाचार्य गोविंद सिंह ने अपने उद्बोधन में बताया कि भारत का बहुत ही गौरवशाली अतीत था जिसे विश्व गुरु का स्थान प्राप्त था।कार्यक्रम में कैप्टन जवाहर लाल शुक्ला, संजय शुक्ला, प्रकाश पांडे,चंद्र भूषण पांडे, अभिषेक पांडे,सतीश, रवीश ,रजनीश,पंकज, नन्हे बाबा, रामाशंकर यादव, अखिलेश ,मनोज आदि उपस्थित रहे।थल सेना में कैप्टन पद से अवकाश प्राप्त जवाहर शुक्ल ने कहा ऐसे अमृत महोत्सव कार्यक्रम से राष्ट्रीयता का अलख जगाते रहना ही उन अमर बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।