बैरिया,बलिया। संस्कृति व परंपराओं से समृद्ध धनुष यज्ञ मेला में कई तरह की संस्कृति देखने को मिलता है।कही चूड़ियो की खनक तो कही मेहंदी की महक से मेला गुलजार है।मेले में जयपुरी व मुरादाबादी चूड़ी जलवा बिखेर रही है तो वही पटना की मेहंदी युवतियों के हाथों की शोभा बढ़ा रही है ।मेले में करीब एक दर्जन से भी ज्यादा चूड़ी की दुकानें सज चुकी है ।एक जमाना था जब घर घर चुड़िहारिन महिलाओं को चूड़ियां पहनाने जाती थी लेकिन वो जमाना पर्दा प्रथा का था अब नए जमाने में महिलाएं मेला बाजार कही भी अपने पसंद की चूड़ियां खरीद व पहन रही है । मेले में महिलाओं की पहली पसंद चूड़ी बन गई है क्योंकि इसके बिना तो सारा श्रृंगार ही अधूरा है।
मेले में आए  फिरोजाबाद के चूड़ी व्यापारी जहागीर बताते हैं कि हर साल की तरह इस साल भी फिरोजाबाद की कांच की चूड़ी व राजस्थान की लाह की चूड़ी का ज्यादा डिमांड है। मेले के पूर्वी भाग पर दर्जनो मेहंदी लगाने वाले युवतियों के हाथों पर मेहंदी लगा रहे हैं जिसे युवतियां खास पसंद कर रही है।

इनसेट*

*डिम्पल व मोदी के बाद रुस्तम उस्ताद का जलवा
धनुष यज्ञ मेले में इस बार अपने रंग विरंगी चमक को झिलमिला कर सुहाग की नगरी फिरोजाबाद की कांच की चूड़ियों का महिलाओं मे क्रेज बढ़ा है।मेले में आई महिलाएं खूबसूरत कांच की चूड़ियों को देख लुभा रही है।इस साल मेले में कांच की चूड़ियों के आविष्कार करने वाले रुस्तम उस्ताद के नाम की चूड़ियों की मेले में सबसे अधिक खनक रही है।इससे पहले वर्ष में डिम्पल व मोदी ब्रांड की चूड़ियों ने धूम मचा रखा था।इस साल रुस्तम उस्ताद को ब्रांड के रूप में पेश किया है।