पिन्टू सिह 

 (बलिया) शिशुओ के कोमल भावनाओ, अंतरनिहीत क्षमताओ एवं उनकी कलात्मक अभिरूचियों को प्रस्फुटित होने का सुअवसर प्रदान करना ही वास्तविक शिक्षा है ।
तथा वर्तमान प्रतियोगिता एवं प्रतिस्पर्धा के युग में प्रतिभाओ को इस प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना ही शिक्षा की सार्थकता है।
श्री बाला जी यशोदा कुंवर अर्जुन विद्यापीठ रसड़ा द्वारा मंगलवार को आयोजित अमृत महोत्सव एवं मात्रृ शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक उमाशंकर सिंह के प्रतिनिधि रमेश सिंह ने उपर्युक्त उद्गार व्यक्त किया। इसके पूर्व उन्होंने विद्यालय के प्रबंधक अर्जुन जायसवाल व विशिष्ट अतिथि रितु सिंह के साथ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्र छात्राओं द्वारा कोरोना का डर व पश्चाताप, गरीबी का दर्द, महंगाई की बेबसी, जो बोयेंगा वही काटेगा ,आखिरी दिल है हिन्दुस्तानी ,राम दरबार आदि नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम कर सभी को भाव विह्वल कर दिया।
सम्मेलन में राम दरबार में लवकुश बने बेटियों का सराहनीय भूमिका रही।
कार्यक्रम के अतः में सभी के प्रति आभार  प्रबंधक व स्वयं संचालन कर्ता अर्जुन जायसवाल ने व्यक्त किया।