👉पिन्टू सिंह

(बलिया) पिछले तीन हफ्तों से सर्द  हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है वहीं घने कोहरे के बीच ठंड बढ़ती चली जा रही है।
गरीबों के लिए यह ठंड काफी दुखदायी साबित हो रही है बावजूद इसके नगरपालिका सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोगों की और भी परेशानी बढ़ गई है।
रसड़ा के सरकारी बस स्टैंड सहित ,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि जगहों पर दैनिक भास्कर न्यूज डाटकाम कि धरातल से रियलिटी चेक किया तो दोनों स्थानों पर अभी भी अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नगर पालिका प्रशासन नहीं किया जाना पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवालियां निशान खड़ा करके रख दिया है।
ठंड से बचने के लिए लोग अपने पैसे से कुछ स्थानों पर अलाव जलाने की जरूर प्रबंध कर रहे हैं किंतु प्रशासन की उदासीनता से जनता जनार्दन में रोष भी देखा जा रहा है।
रसड़ा नगर पालिका क्षेत्र में अलाव की समुचित व्यवस्था न होने के संबंध में सबसे पहले लिपिक पियूष जैन से जानकारी लेने के लिए फोन किया मगर फोन उठाने की पियूष जैन ने जहमत नहीं उठाया।
दैनिक भास्कर न्यूज डाटकाम संवाददाता पिन्टू सिंह ने फिर अधिशासी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद से पूछा तो उन्होंने बताया कि 29 दिसम्बर से 4 जनवरी 2022 तक 34 कुंटल लकड़ी जल चूका है ।
👉 4 जनवरी 2022 से 8 जनवरी तक 25 कुंटल जल चूका है।
👉8 जनवरी से 17 जनवरी तक 62 कुन्टल लगभग लकडी गिराया गया है।
हालांकि बातचीत के दौरान संवाददाता ने ध्यान आकृष्ट कराया कि हुजूर 18 दिनों में 101 कुंटल लकडी कागजों में जल गया मगर आजभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की तस्वीरे ब्यान कर रही।
बताते चलें कि 11दिनों में अधिकारियों के मुताबिक 59 कुंटल यानी लगभग तीस हजार रुपये का लकडी जल चुका है।
वहीं एक हफ्ते में 62 कुन्टल यानी सौ कुन्टल से अधिक लकडी जल गयी है।
हालांकि ठंड से बचाव को लेकर पालिका प्रशासन दृढ संकल्पित है और इसके लिए कुछ स्थानों को चिन्हित कर अलाव जलाये जा रहे हैं ।
राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि शीघ्र ही सभी  स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जायेगी।
👉रैन बसेरा प्रभारी खुर्शीद अहमद ने बतलाया कि 29 दिसम्बर से 17 जनवरी तक
टोटल कागजों में 12 लोग ही रुके है।
👉 जनता जनार्दन सबकुछ जानती है हुजूर तभी तो 25 वर्षों से जनता जनार्दन का शोषण कर करोडों कि सम्पत्ति इकट्ठा कर धन लक्ष्मी को बंधक बनाया हुआ है।
👉इस खबर के माध्यम से ध्यान आकृष्ट है।
👉25/2/1993 नियूक्ती
प्रदीप जैन का
👉1/3/1993 को निरस्त होने पर पियूष जैन हाईकोर्ट चला गया
रीट सख्या 12064/93 पियूष जैन बनाब अधिकारी/ प्रशासक जिलाधिकारी 21/11/2017 को रिट खारिज हो चूका है।बावजूद उसके लिपापोती मे लगा हुआ है।
हालांकि पूर्व में एक सम्मानित ठिकेदार साहब के यहा मुन्सी का काम भी करता था।
मगर आजकल 25 वर्षों से नगरपालिका से करोडों रुपया कमिशन लेकर धन लक्ष्मी को बंधक बनाया है।
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