महिला व दिव्यांग मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग करने पर दिया विशेष जोर

बलिया।जिले में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। कलेक्ट्रेट स्थित बहुद्देशीय सभागार में मुख्य कार्यक्रम हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने कार्यक्रम का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने जनपदवासियों से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग कर हर किसी को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आवाह्न किया। कहा, स्वच्छ लोकतंत्र के लिए हम सबका कर्तव्य है कि अपना मतदान जरूर करें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में आपका मतदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। जागरूक नागरिक होने के नाते हम सबकी यह भी जिम्मेदारी है कि स्वयं के साथ अपने परिजन व आसपास के लोगों को भी मताधिकार का प्रयोग करने के प्रति जागरूक करना है। अधिक से अधिक मतदान करके हम सब मिलकर यह प्रयास करें कि मतदान प्रतिशत के मामले में अपना जनपद प्रदेश में टॉप पर रहे। उन्होंने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबन्ध किया गया है। किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी।
इस अवसर पर संकल्प संस्था के आशीष त्रिवेदी के नेतृत्व में मतदाता जागरूकता पर आधारित शानदार नुक्कड़-नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसकी सराहना जिलाधिकारी व मौजूद अन्य लोगों ने की। स्कूली बच्चों ने भी लघु नाटक प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सीडीओ प्रवीण वर्मा, एडीएम राजेश कुमार, एसडीएम सदर जुनैद अहमद, बीएसए शिवनारायण सिंह, अतुल तिवारी, निर्वाचन कार्यालय के अख्तर, शशिकांत व अन्य लोग मौजूद थे।
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बेहतर कार्य पर बीएलओ को सम्मानित किया

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर बेहतर कार्य करने वाले बूथ लेविल आफिसर (बीएलओ) को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसमें कन्हैया राम, शीला देवी, ज्ञान्ती देवी, प्रियंका गुप्ता, पुष्पा देवी, देवेन्द्र पाल, विद्यावती, शबीला खातून, उमा देवी, ममता सिंह शामिल थीं। साथ ही 18 वर्ष पूरी करने के बाद नये मतदाता बने युवाओं को जिलाधिकारी ने इपिक कार्ड का वितरण किया। उनको बधाई देते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र के महापर्व में भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया।
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मतदान करने की दिलाई शपथ

“हम, भारत के नागरिक, लोकतंत्र में 44 अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे”।