रिपोर्ट, राजेश सिंह
अतरौलिया, गन्ना विकास विभाग के निर्देश पर सठियांव चीनी मिल के कर्मचारी क्षेत्र में गन्ने के विकास की संभावनाएं तलाशने के लिए पहुंचे । बागपत जनपद के स्नेहरोड चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी डॉ शिवेंद्र सिह ढाका, व बिजनौर जिले के धामपुर चीनी मिल के मुख्य अधिकारी राजदीप बालियान, मुख्य गन्ना अधिकारी सठियांव चीनी मिल डॉ विनय प्रताप सिंह के निर्देशन में बुढ़नपुर समिति अंतर्गत आने वाले गन्ना क्रय केंद्र बुढ़नपुर ,देउरपुर, छितौनी लोहरा, अतरौलिया ,पकरडीहा, परशुरामपुर, सहादतगंज, सहदेवगंज आदि क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया । इस दौरान दोनों मुख्य गन्ना अधिकारियों द्वारा गन्ना क्रय केंद्रों पर मौजूद किसानों से बातचीत करते हुए बताया कि समिति पर्ची प्राप्त होने के 72 घंटे के अंदर ही अपने गन्ने की आपूर्ति क्रय केंद्रों पर करें। बिना पर्ची प्राप्त हुए अपने गन्ने की कटाई किसी स्थिति में ना करें। उन्होंने कहा कि गन्ना नकदी फसल है जिससे किसान अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकता है। जिसके लिए किसानों को भी चीनी मिल का सहयोग करना चाहिए। किसान द्वारा जब चीनी मिल को साफ-सुथरी ताजे गन्ने की आपूर्ति की जाएगी तो उसके एवज में चीनी मिल द्वारा गन्ना मूल्य का समय से भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ जिले में गन्ना विकास की काफी संभावनाएं हैं । उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर गन्ने में फूल आ गए हैं किसानों को ऐसी गन्ने की तुरंत कटाई कर देना चाहिए क्योंकि जिस गन्ने में फूल आ जाते हैं उसका वजन तेजी से घटने लगता है। दोनों अधिकारियों ने किसानों से आह्वान किया कि चीनी मिल में गन्ने के टिशू कल्चर की नई नई प्रजातियां उपलब्ध है जिसके लाल जिसको लाकर किसान गन्ने की बुवाई करें उन्होंने कहा कि पौधा गन्ना की कटाई जमीन के अंदर से करनी चाहिए जिससे अधिक नए कल्ले विकसित होते हैं जिससे पेडी गन्ने का उत्पादन बढ़ता है। इस मौके पर राजीव नयन मिश्रा गन्ना पर्यवेक्षक हरिश्चंद्र यादव अजीत सिंह लालमणि सोनकर सहित बड़ी संख्या में किसान भी मौजूद रहे।