रतसर (बलिया) स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर में रविवार को अधीक्षक डा० राकिफ अख्तर की अध्यक्षता में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि कुष्ठ दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी जी के तैलचित्र पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर डा० राकिफ अख्तर ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कुष्ठ रोगियों के प्रति स्नेह व सेवाभाव रखते थे इसीलिए गांधी जी की पुण्यतिथि को कुष्ठ दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बापू ने कुष्ठ रोगियों की सेवा कर समाज को यह सन्देश दिया कि कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों की सेवा करने या उनके सम्पर्क में रहने से यह रोग नही फैलता है। वरिष्ठ कुष्ठ पर्यवेक्षक गोपाल जी पाण्डेय ने बताया कि कुष्ठ बीमारी माइको बैक्टीरियम लेप्री द्वारा होती है और इसका इलाज पूर्णतया सम्भव है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम ” यूनाइटेड फार डिग्निटी ” निर्धारित की गई है। जनपद में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक कुष्ठ पखवारा का आयोजन किया गया है जिसमें ग्राम- सभाओं, स्कूलों एवं धार्मिक संस्थानों में जागरुकता अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है जिसमें कुष्ठ मरीजों को खोजकर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर निःशुल्क चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके पूर्व स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के तहत यह शपथ दिलाई गई कि हम अपने जनपद को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नही छोड़ेंगे, इसके साथ ही यह भी घोषणा की गई कि हम कुष्ठ रोग प्रभावित व्यक्ति से कोई भेदभाव नहीं करेंगे और ना ही किसी दूसरे व्यक्ति को कुष्ठ रोग प्रभावित व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करने देंगे, हम व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों से जुड़े कलंक और भेदभाव समाप्त करने और उनको समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अपना पूर्ण योगदान देंगे। वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों को चिकित्सा अधीक्षक द्वारा दूध एवं फल वितरित किया गया। इस अवसर पर अरुण कुमार शर्मा, सुमित सिन्हा, अमर चौहान, अवधेश यादव, युसूफ अंसारी, चन्दन, आशा पाण्डेय, इन्दू यादव, आशा देवी, चमेली देवी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन धनेश पाण्डेय ने किया