रिपोर्ट बृजेश सिंह, अंबेडकर नगर।

संयुक्त किसान मोर्चा की अंबेडकर नगर जिला इकाई ने विश्वासघात दिवस तथा ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट अंबेडकर नगर में किया । कारपोरेट परस्त तीन कृषि कानून की वापसी के साथ-साथ एमएसपी पर कानूनी गारंटी, बिजली संशोधन बिल 2020 वापसी को लेकर चले 1 साल के किसान आंदोलन को सरकार ने एक समझौते के तहत वापस करवाया था। समझौते में था कि सरकार आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिजनों को मुआवजा देगी। किसानों पर लगे मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लेगी। बिजली संशोधन बिल 2020 वापस होगा। एमएसपी पर एक कमेटी बनेगी, पराली जलाने पर किसानों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज होने की धारा को निकाला जाएगा। आंदोलन वापसी को लगभग 2 महीने होने को हैं, अभी तक सरकार ने खुद के द्वारा किसानों पर थोपे गए कृषि कानून 2020 को वापस लेने के अलावा अन्य मांगों पर कुछ नहीं किया है। यहां तक कि लखीमपुर नरसंहार में एसआईटी रिपोर्ट में साजिश की स्वीकारोक्ति है, इसके बावजूद अजय मिश्र टेनी को गृह राज्य मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बनाए रखा गया है। हरियाणा सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के साथ शहीद किसानों की सूची के संबंध में कुछ बातचीत की है, मुआवजा अभी तक वहां के किसानों को भी नहीं मिला है। अपने पत्र में सरकार ने लिखा कि प्रदेश सरकारों से बात हो चुकी है किसानों की मांगों को पूरा किया जाएगा। आंदोलनकारियों पर केस वापसी का मामला सीधा-सीधा राज्य सरकारों का है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने केस वापसी व मुआवजे से संबंधित अभी तक कोई कार्यवाही नहीं किया। उल्टा लखीमपुर नरसंहार के हमलावरों की हत्या के जुर्म में किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्हें समन जारी हो रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा अंबेडकरनगर इस पत्रक के माध्यम से महामहिम से माग करता है कि सरकार द्वारा किए गए वादे को पूरा करने के लिए आदेशित करें। कार्यक्रम में मोर्चा के घटक संगठनों बीकेयू टिकैत बीकेयू अंबावता जनवादी किसान सभा किसान संग्राम समिति उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन अखिल भारतीय किसान महासभा ने भागीदारी की। कार्यक्रम को विनय कुमार वर्मा, पवन सिंह, परशुराम पटेल, भगवान दास विश्वकर्मा, तीरथ राज वर्मा, जयप्रकाश अनिरुद्ध, मोहम्मद यासीन, सत्यदेव पाल आदि ने संबोधित किया।