रतसर,बलिया। बर्फीली हवाओं व कोहरे की मार से जन जीवन बेहाल है। जिस के चलते लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है । दिन ढलते ही गांव हो या खेत-खलिहान घने कोहरे की चादर से ढक जा रहे है। ग्रामीणों के साथ -साथ मवेशी भी ठिठुर रहे है, बावजूद नगर पंचायत सहित ग्राम पंचायत मे नही जल रहे अलाव। शासन के निर्देश की उड़ाई जा रही धज्जीया गांवों मे भी अलाव और कम्बल की व्यवस्था नही हुआ। जब की स्थानीय नगर पंचायत द्वारा कुछ दिन पहले अलाव की व्यवस्था शुरू की थी लेकिन एक दो दिन कोरम पूरा करते हुए बन्द कर दिया। इसके चलते गरीब, मजदूर एवं असहाय लोगों का ठंड में रात गुजारना मुश्किल हो गया है। पिछले दो दिनों कुछ दिन के लिए अलाव जलाने के लिए नगर पंचायत की तरफ से गांधी आश्रम चौराहा, पकड़ी तर, पंचायत भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, दक्षिणी चट्टी, झिंगुरी मोड़ सहित दस स्थानों को चिन्हित किया गया था लेकिन यह शुरुआत के दो चार दिन ही जला
जिस के दौरान फोटो सोशल मिडिया पर डाला गया और, तीन दिन बाद से एक सप्ताह हो गये अलाव जलाना बन्द हो गया ।
मजबूरी मे लोग रद्दी कागज व कचड़ा जलाकर ठंड भगाने को मजबूर हो रहे है। कस्बा सहित ग्रामीणो लोगों ठंड से परेशान होकर अलाव जलाने की मांग प्रशासन से करते हुए । बोले की कर्मचारी फर्जी अलाव की फोटो खिचाई शोशल मिडिया पे शेयर कर अधिकारी से बाह बाही ले रहे है । इसके अलावा
सामाजिक संगठन भी नही ले रहे है सुध ।नगर पंचायत में वैसे तो कई सामाजिक संस्थान है। जो गरीब असहायों की मदद के लिए मौजूद रहते है लेकिन इस कड़ाके की ठंड रात में पर्याप्त अलाव की व्यवस्था को लेकर समाजसेवी भी पीछे है।