पिन्टू सिंह

(बलिया) जी हाँ उत्तर प्रदेश के बलिया जिला मुख्यालय से 32 किलोमीटर दूर रसडा ब्लाक क्षेत्र के अमहरपट्टी उत्तर से भष्ट्राचार कि खबर है कि।
बताते चलें कि केंद्र सरकार की सौर ऊर्जा आधारित लघु पेयजल योजना से घर-घर शुद्ध पेयजल सुलभ कराने की योजना के तहत रसड़ा ब्लाक क्षेत्र के अमहर पट्टी उत्तर गांव मे आधे अधूरे पानी टंकी कार्यदायी संस्था द्रारा निर्माण कर छोड़ दिये जाने से यह योजना पूर्ण रूप सफेद हाथी साबित हो रही है।
कागजों में जल निगम ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में जिले के गांवों को चयनित किया। जिसमें रसड़ा ब्लाक के अमहर पट्टी उत्तर गांव में भी सौर ऊर्जा चालित पानी टंकी निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
किंतु कार्यदायी संस्था द्वारा यहां आधा अधूरा काम करके छोड़ दिया गया है।
जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने दैनिक पूर्वांचल परिवार खबर के माध्यम से जिला प्रशासन से अविलंब इस योजना के तहत निर्माणाधीन टंकी निर्माण के कार्य को पूर्ण करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया है कि केंद्र सरकार की सोलर बेस्ड मिनी वाटर सप्लाई योजना के तहत अमहर गांव में श़ुद्ध पानी सुलभ कराने के लिए सोलर प्लांट से संचालित पानी टंकी के निर्माण का काम प्रारंभ किया गया। परन्तु विडम्बना यह है कि यहां टंकी पैड, बोरिंग का काम करके रोक दिया गया है। जबकि सच्चाई ये है कि इस योजना के तहत टंकी निर्माण के बाद पाइपलाइन को भी बिछाया गया है। ताकि घर घर शुद्ध जल सुलभ कराया जा सके। परंतु उदासिनता इस कदर है कि यहां टंकी में पानी चढ़ाने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले संयंत्र को भी पूर्ण रूप से लगाया गया है लेकिन टंकी से पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन को ही गांव में बिछाया गया है। नतीजा यह है गांव में इस योजना के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की सुविधा नहीं उपलब्ध हो सकी है।