बलिया। निर्वाचन प्रक्रिया और कोरोना प्रोटोकॉल के बीच जनपदवासियों ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने गौरवपूर्ण योगदान को फिर से याद किया। अवसर था पत्रकार-शहीद रामदहिन ओझा की पुण्यतिथि का। आजादी की लड़ाई में 18 फरवरी,1931 को मात्र 30 साल की उम्र में बलिया जेल में उनका निधन हो गया था। 

तत्कालीन कलकत्ता से प्रकाशित ‘युगांतर’ के संपादक रामदहिन ओझा की पुण्य तिथि पर बलिया व बांसडीह स्थित उनकी प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। श्री मुरली मनोहर
टाउन इंटर कॉलेज चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर सेनानी परिवार के सदस्यों, विभिन्न राजनीतिक- सामाजिक संगठनों के लोगों ने रामदहिन ओझा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शहीद को पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में शैलेष कुमार पाण्डेय,जाकिर हुसैन, सेनानी के पौत्र नरेन्द्र कुमार ओझा,डॉ.प्रभात ओझा, संजय कुमार सिंह, धनंजय सिंह, सक्षम ओझा, बासडीह विधानसभा प्रत्याशी केतकी सिंह, मनोज सिंह, अधिवक्ता ददन पाण्डेय एवं जयप्रकाश उपाध्याय आदि शामिल थे।