श्याम सिंह की रिपोर्ट

अहरौला थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बे में जहरीली शराब कांड के बाद 25 दिनो से बंद देशी शराब की दुकान के पुनः खोले जाने से बुधवार को कस्बे की महिलाए आक्रोशित हो कर सैकड़ों की संख्या में ठेके के सामने इकट्ठा हो गई,और ठेके के शटर का ताला बंद कर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।सूचना पर थानाध्यक्ष अहरौला राजेश कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच कर पुलिस अधीक्षक से वार्ता कर ठेके को न खुलने देने का आश्वासन देकर प्रदर्शन को समाप्त कराया।
मंगलवार को आबकारी विभाग द्वारा इस ठेके को फिर से चालू करने का आदेश जारी करते हुए पवई थाना क्षेत्र के छज्जोपट्टी गांव निवासी सुनील पाण्डेय के नाम से 15 दिनो के लिए लाइसेंस दे दिया गया। ठेकेदार ने बंद शराब की दुकान के सामने के हिस्से में शराब रख कर बेचना शुरू कर दिया ।
ठेका खुलने की सूचना पूरे माहुल में आग की तरह फैल गई। उसके बाद करीब 11बजे वार्ड न 0 तीन चार व पांच की सैकड़ों महिलाएं हांथ में झाड़ू और डंडा लेकर ठेके के सामने जुट गई और दुकान को बंद कराते हुए शटर में ताला जड़ कर ठेके के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओ का कहना था कि इसी ठेके के बगल मे सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय है और ठीक पीछे सिद्ध पीठ काली चौरा मंदिर है।महिलाओ का कहना था कि इस ठेके को यहां से अन्यत्र ले जाया जाय। क्योंकि यह रिहाईशी इलाका है और आए दिन सड़क पर छात्राओं और पास पड़ोस की महिलाओ के साथ शराबी अभद्रता करते रहते है।
भारी संख्या में महिलाओ के प्रदर्शन को देख कस्बे के और तमाम लोग वहां पहुंच गए और ठेके को हटाए जाने की मांग आंदोलन रत महिलाओ के साथ करने लगें। सूचना मिलने पर दो घंटे बाद थानाध्यक्ष अहरौला राजेश कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच कर पुलिस अधीक्षक से मोबाइल से बात किया। और आंदोलन रत महिलाओ को यह आश्वासन दिया कि ठेका अब यहां किसी भी कीमत पर नहीं खुलेगा।तब जा कर प्रदर्शन कर रही महिलाएं शांत हुई और अपने अपने घर चली गई।
इस मौके पर सुमन,माया, सुनीता,कुमारी,शोभावती,बुधना,गुड़िया,रामप्यारी आदि रही।