पिन्टू सिंह

( बलिया) अचानक मौसम में बदलाव के कारण गर्मी का तापमान बढ़ते ही कुत्तों ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। जिसका उदाहरण बलिया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रसड़ा पर देखा जा रहा है। होली के बाद इस अस्पताल पर कुत्ता काटने वाले मरीजों की भरमार लग गई है। यहां पर 65 मरीजों को एंटी रैविज इंजेक्शन लगाया गया।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ वीपी यादव ने बतलाया कि गर्मी में कुत्ते अपना दिमागी संतुलन खोने लगते है, जिसके कारण वह लोगो को अपना शिकार बनाना शुरू कर देते है। बताएं कि यदि किसी को कुत्ता काट ले तो तुरन्त उपचार कराना चाहिए। कुत्ता काटने के 24 घंटे के भीतर पीड़ित को एंटी रेविज आवश्यक रूप से लगवा लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि होली पर्व को लेकर पाच दिनों तक अस्पताल में टीका नहीं लगा था।पाच दिनों बाद सोमवार को सुबह से दोपहर तक 65 मरीजों को लगा सीएचसी पर एंटी रेबीज लगाया गया।
संवाददाता के बातचीत में कहे कि अस्पताल में भरपूर मात्रा में एंटी रेबीज उपलब्ध है।