– विभिन्न विभागो की समीक्षा बैठक संपन्न
आजमगढ़। जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में शुक्रवार कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि, गन्ना, पशुपालन, सहकारिता, मत्स्य, दुग्ध, उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि विभाग से जुड़े हुए एफपीओएस से प्रगतिशील किसानों को जोड़ा जाये। उन्होने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए एफपीओएस से सहयोग लेकर वैल्यू एडीशन, मार्केटिंग, पैकेजिंग एवं ऐसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाय, जिसकी बाजार में अच्छी कीमत मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन ब्लाकों में एफपीओएस का गठन नही हुआ है, ऐसे ब्लाकों को चिन्हित कर तत्काल एफपीओएस का गठन कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि एफपीओएस के माध्यम से गौशालाओं को हरा चारा उपलब्ध कराया जाय। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का सत्यापन कर पोर्टल पर ग्रामवार सूची तहसीलों को भेजी जाय। उन्होने कहा कि लक्ष्य के सापेक्ष किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन करने वालों का सत्यापन कर तत्काल किसान क्रेडिट कार्ड बनाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने गन्ना विभाग को निर्देश दिया कि मल्टी क्रापिंग को बढ़ावा दिया जाय। उन्होने कहा कि एसएचजी एवं एफपीओएस के द्वारा आर्गेनिग गुड़ के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाय। उन्होने कहा कि आर्गेनिक गुड़ के निर्माण में केमिकल के प्रयोग न करें। जिलाधिकारी ने मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि मत्स्य पालकों को अच्छी/उन्नति क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराया जाय। उन्होने कहा कि स्थानीय रोहू, कतला, भाकूर, टेंगर आदि के बीज स्थानीय मत्स्य पालकों को उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत अनुदान देकर मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करना सुनिश्चित किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि मछली के उत्पादन एवं व्यापार से जुड़े हुए लोगों की समस्याओं को सुने एवं निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि यदि किसी समस्या का निस्तारण नही होता है तो हमारे समक्ष प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने कहा कि परम्परागत निजी व्यवसाय करने वाले मत्स्य पालकों को मछुआ दुर्घटना बीमा का लाभ देना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये पशुपालकों की आमदनी को दोगुना करने के लिए पशुओं की नस्ल में सुधार किया जाय। उन्होने कहा कि कृषि विभाग से जुड़े एफपीओएस को पशुपालन को जोड़ा जाय। उन्होने कहा कि पशुओं का बीमा अथवा किसी भी प्रकार के क्लेम को लम्बित न रखें, इसका तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि टीकाकरण एवं जीयो टैगिंग के कार्यां में तेजी लायें। उन्होने कहा कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में शत प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने सहकारिता विभाग की प्राइमरी सोसायटी जागृत करने एवं दुग्ध विभाग को अधिक से अधिक स्थानीय पशुपालकों से दुग्ध क्रय किये जाने तथा उद्यान विभाग को डिमाण्ड के अनुसार फूलों की खेती एवं अन्य उत्पादकों को बढ़ाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपके विभाग द्वारा जो भी सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं, उन सूचनाओं को जिला सूचना अधिकारी के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाय। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला, डीडी कृषि मुकेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 वीरेन्द्र सिंह, जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल, जिला कृषि अधिकारी डॉ0 गगनदीप सिंह, मत्स्य, सहकारिता एवं उद्यान अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।